आप लोग भी ‘chill’ मारना सीखिए

पहले कुछ लिखूं उससे पहले संक्षेप में अमेरिका की White House Correspondents’ Association को समझिये. ये एक स्वतंत्र प्रतिष्ठित संस्था है उन पत्रकारों की जो व्हाइट हाउस कवर करते हैं, प्रेस ब्रीफिंग्स का हिस्सा होते हैं, पूरे देश के ये ही वे चुनिंदा पत्रकार हैं जिन्हे राष्ट्रपति तक पहुँचने का सैद्धांतिक अधिकार होता है.

ये संस्था वार्षिक रूप से एक डिनर आयोजित करती है जिसमें देश के चुनिंदा हाई प्रोफ़ाइल लोगों का जमघट होता है, राष्ट्रपति और उनका भाषण इस डिनर का सबसे बड़ा आकर्षण होता है.

सन 2012 में इसी भोज में बराक ओबामा ने भाषण दिया था, डोनाल्ड ट्रम्प उस वक्त अमेरिका के लिबरल एलीट के चुटकुलों का हिस्सा बने हुए थे.

ट्रम्प कुछ नहीं थे, कुछ भी नहीं, बस एलीट्स की भद्दे मजाक का हिस्सा क्योंकि उन्होंने ओबामा के जन्मस्थान और धर्म पर प्रश्नचिन्ह लगाया था.

इस भाषण में ओबामा ने मंच से ट्रम्प का खूब मजाक उड़ाया, नीचता की पराकाष्ठा के साथ, ये जानते हुए कि ट्रम्प नीचे मेहमानों के बीच ही बैठे हैं, ट्रम्प का चेहरा तमतमाया हुआ था पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

ट्रम्प के जीतने के बाद वहां की कई मैग्ज़ीनों ने लिखा कि शायद वही एक पल रहा होगा जब ट्रम्प से गंभीरता से राष्ट्रपति पद के लिए लड़ने की ठानी होगी, इन एलीट्स के गाल पे जोर का तमाचा मारने.

कल वही प्रतिष्ठित वार्षिक भोज फिर से था जिसका ट्रम्प ने बहिष्कार किया और ये कहकर बहिष्कार किया कि ये “सबसे बोरिंग” आयोजन है.

अभी दो दिन से सारे लिबरल एलीट खेमे में इस अपमान पर आग लगी हुई है. हाल के इतिहास में इतने conviction से भरा हुआ… इतना ‘gutsy’ राजनीतिज्ञ मैंने ना देखा… ना सुना.

विषय पर आते हैं, हाल ही में हमारे सम्मानित वित्त मंत्री श्री अरुण जी जेटली ने एक एनडीटीवी की ऐसी तथाकथित पत्रकार की किताब का विमोचन किया जो नरेंद्र मोदी के बीमार होने पर “रोमांचित” महसूस कर रही थी और जिसका जिक्र उसने ट्विटर पर खुद किया था

खैर…. आपको ये सब इसलिए बताया कि… आप सब कार्यकर्ता, समर्थक… ज़मीन पर, सोशल मीडिया पर, दोस्तों के बीच, रिश्तेदारों के बीच, आपस में लड़ लेते हैं, इतना कि बोल चाल भी बंद हो जाती है.

ज़मीन पर तो खून खराबा भी हो जाता है, लोग मर भी जाते हैं, ज़िंदगी भर की दुश्मनी मोल लेते हैं… किस के लिए?… आपकी भाजपा के लिए… आपके नेता के लिए… आपके नरेंद्र मोदी के लिए ही ना?

तो आपको ये सब इसलिए बताया कि आप लोग भी ‘chill’ मारना सीखिए… क्योंकि नई दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में भी सब… चिल्ल ही… मार रहे हैं! चिल मारिये जी! Just Chill!

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