उम्मत से निकले सेलेब्रिटी निकाह के लिए क्यों खोजते हैं हिन्दू की बेटी!

मौलाना- अरे ज़नाब, आपने कल की एक खबर सुनी?

काफ़िर- जी, कौन सी ?

मौलाना- अरे वो अपना बच्चा है न, ज़हीर खान, अरे वही हमारी क्रिकेट टीम का तेज़ गेंदबाज उसका कल निकाह हो गया.

काफ़िर- हो गया होगा तो?

मौलाना- बड़ा सबाब का काम किया है बच्चे ने. अल्लाह रोजे-कयामत उसे इसका बेहिसाब अज्र देगा.

काफ़िर- निकाह करने से अज्र मिलेगा? कुछ समझा नहीं.

मौलाना- अजी, अब आप जान-बूझकर अनजान बन रहें हैं.

काफ़िर- सच में, मैं कुछ समझा नहीं.

मौलाना- जी, बात दरअसल यूं है कि अपने बच्चे ज़हीर ने एक मुश्रिका से निकाह कर उसे गुमराह होने से बचाया है, इंशाअल्लाह अब वो बच्ची ‘सागरिका घाटगे’ सही दीन में है. अल्लाह उस बच्ची के हर बला ले ले.

काफ़िर- अच्छा, अब समझा.

मौलाना- शाहरुख़, अज़हर, सैफ, आमिर और अब ज़हीर हें..हें..हें …जनाब, है न हैरत की बात कि आपके कौम की बच्चियाँ हमारे लोगों से निकाह करती हैं.

काफ़िर- तो आपको इस पर फ़क्र है?

मौलाना- जी, क्यूँ न हो, दीन में आकर इन बच्चियों के हिस्से में अज़ीम नेमतें आ गई है. अल्लाह इन्हें जन्नत-उल-फिरदौस बख्शेगा.

काफ़िर- मुझे बड़ा हैरत है मौलाना, ऐसी घटनायें तो आपके लिये शर्म से डूब मरने की है और आप इस पर लहालोट हो रहे हैं.

मौलाना- दीन में काफिरों की बेटियां आ रहीं हैं तो हम खुश भी न हों?

काफ़िर- मौलाना, एक बात समझायें. शाहरुख़ खान के पास कितनी दौलत होगी?

मौलाना- माशाअल्लाह, अल्लाह ने तो उसे दौलत के समंदर से नवाज़ा है और सारी दुनिया में उसके चाहने वाले हैं. अल्लाह, ऐसी किस्मत हर मोमिन को दे.

काफ़िर- जी, शाहरुख़ ने निकाह किनसे किया है?

मौलाना- जी, एक सिख की बेटी लाया अपना बच्चा.

काफ़िर- अच्छा, तो अब उसकी बेशुमार दौलत और शोहरत में बराबर की शरीक कौन है?

मौलाना- गौरी खान और कौन.

काफ़िर- अच्छा, आपके उस अज़हर के बारे में सुना था कि जब वो गुमनाम था, सड़क पर था तब उसकी नौरीन नाम की एक बेगम हुआ करती थी? क्या उसका उनका?

मौलाना- अज्जू ने उसे तलाक़ दे दिया था.

काफिर- फिर, उसके बाद आपके अज्जू ने क्या किया?

मौलाना- …….(खामोशी)

काफ़िर- चलिए, हम बता देतें हैं, आपके अज्जू सफल हुए फिर भारत के कप्तान बने, विदेशी दौरे, बड़ी-बड़ी पार्टियाँ, बड़े लोगों, नेताओं, उद्योगपतियों और अभिनेताओं के साथ उठना-बैठना होने लगा तो पर्दानशीं नौरीन के साथ अपनी जोड़ी से उन्हें शर्म आने लगी, फिर आपके अज्जू ने उसे अपने दो बेटों समेत लात मारकर तीन तलाक कहा और संगीता बिजलानी को निकाह लाये.

मौलाना- (झेंपते हुए)- जी, पर अज्जू भाई तो बाकायदा उस बीबी को इस्लाम में लेकर आये थे और उन्हें आयशा अज़हरा नाम दिया था.

काफ़िर- ठीक है, तो संगीता बिजलानी उर्फ़ आयशा अजहरा से आपके दीन को क्या फायदा हुआ? उसने आपने दीन की कितनी तबलीग की ? कितनों को उम्मत में लेकर आई? दीन के किन अरकानों का पालन कर मिसाल स्थापित किया? कब हज किया? कितने रोज़े रखे?

मौलाना-……..(खामोशी)

काफिर- आप एक बात बतायें, शाहरुख़, आमिर, सैफ और अब ज़हीर खान अगर इन लोगों ने निकाह के लिये अपने उम्मत से बेटी ली होती तो आज उनके दौलत, शोहरत और नाम को आपके उम्मत की बेटियाँ एन्जॉय कर रही होती जो आप लोगों के दुर्भाग्य से आज काफिरों की बेटियों को मिल रहा है. आपको नहीं लगता कि आप लोगों को अपने उम्मत की बेटियों की इस बदकिस्मती पर कम से कम एक बार सोचना चाहिये?

काफिर- आज गौरी या संगीता के हिन्दू रिश्तेदार उन सेलेब्रिटियों मसलन शाहरुख़, अजहर वगैरह के नाम बेचकर कहीं न कहीं लाभ तो उठा रहे होंगें? अगर आपके दीन के इन सिपाहियों ने अपनी उम्मत की बेटियों से निकाह किया होता तो आज उनके बड़े नाम और रिश्तेदार होने के फायदे आपके उम्मती उठा रहे होते तो पुनः दुर्भाग्य से हिन्दू उठा रहे हैं.

एक बात और मौलाना, ये यहीं तक नहीं है, आपने कभी सोचा है कि ये आपके उम्मत से निकले जो बड़े-बड़े सेलेब्रिटी हैं वो जब सामान्य इंसान से बड़े इंसान बन जातें हैं तो उन्हें लगता है कि अब उनके अपने उम्मत की बुर्कानशीं बेटियां उनके स्टेटस सिम्बल के हिसाब से फिट नहीं आ रही तो वो या तो उसे नौरीन की तरह लात मारकर घर से निकाल देतें हैं या फिर उससे निकाह ही नहीं करते. अपने बढे हुए स्टेटस के लायक किसी हिन्दू की बेटी को खोजने लग जातें हैं..

जो बात आप सबके लिये शर्म से डूब मरने लायक होनी चाहिए उसपर आप लहालोट हो रहें हैं? अरे आपको तो अपने उम्मत के इन अज्जुओं की गिरेबान पकड़ कर उनसे पूछना चहिये कि हमारी बेटियों को छोड़कर, उन्हें कमतर समझकर तुम लोग ये गुनाह कर कैसे रहे हो? मौलाना, कभी आपने अपनी उम्मत की बेटियों से भी पूछा है कि इन घटनाओं पर उन्हें कैसा लगता है? शाहरूख, सलमान, सैफ, आमिर और अजहर इनके सपनों का शहजादा ही रह जाता है.

मौलाना- जी, मेरी इबादत का वक़्त हो रहा है.

काफिर- खैर, ज़हीर खान के निकाह की मुबारकबाद तो कबूल कर लें.

मौलाना- अल्लाह हाफ़िज़

काफिर- जी, अल्लाह आपका भी मुहाफ़िज़ रहे, आपको सही राह दिखाये और सही बातों को समझने की तौफीक अता करे. …अरे रुकिए, कम से कम आमीन तो कहते जाइए…

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