आध्यात्मिकता की अमर आधारशिला पर आधारित हिंदू संस्कृति : स्वामी विवेकानंद

हिंदू संस्कृति आध्यात्मिकता की अमर आधारशिला पर आधारित है.

भय ही पतन और पाप का निश्चित कारण है.

किसी  दिन, जब  आपके  सामने कोई समस्या  ना  आये तो आप  सुनिश्चित  हो  सकते  हैं  कि  आप  गलत  मार्ग  पर  चल  रहे  हैं.

किसी  चीज  से डरो मत, तुम  अद्भुत  काम  करोगे. यह  निर्भयता  ही  है  जो   क्षण  भर  में  परम  आनंद  लाती  है.

जितना अध्ययन करते हैं, उतना ही हमें अपने अज्ञान का आभास होता जाता है.

आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम, ईमानदारी तथा उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता है.

हम भारतीय सभी धर्मों के प्रति केवल सहिष्णुता में ही विश्वास नहीं करते, वरन सभी धर्मों को सच्चा मानकर स्वीकार भी करते हैं.

जिसके साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं, वह कभी भी अकेला नहीं रह सकता.

हमारे व्यक्तित्व की उत्पत्ति हमारे विचारों में है. शब्द गौण हैं, विचार मुख्य हैं और  उनका असर दूर तक होता है.

– स्वामी विवेकानंद

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