आतिफ़ असलम और देश में से आपने आतिफ़ को क्यों चुना?

बेसुरा सोनू निगम. पिछले चार दिन से फेसबुक पर इस आशय की कई पोस्ट पढ़ चुका हूँ. नई पीढ़ी योयो हनी सिंह और दलजीत की दीवानी है.

भाई मेरे ऐसा है कि सोनू निगम गायकी में जो रिकार्ड बना चुके हैं वो आज तक आपके ये प्रिय गायक तोड़ नहीं पाये हैं.

सोनू का एल्बम ‘दीवाना’ अब तक का सबसे ज्यादा बिकने वाला एल्बम है. हनी के गाने बहुत बेहतरीन है लेकिन सोनू का कीर्तिमान तोड़ने लायक नहीं है.

आज आनंद बाजार पत्रिका (एबीपी) ने आज अपने कार्यक्रम ‘व्यक्ति विशेष’ में सोनू निगम को याद किया. भाई लोगों ने उन्हें क्यों याद किया ये तो आपको बताने की जरूरत नहीं है.

कार्यक्रम के मुताबिक सोनू को असली स्टारडम शाहरुख़ के गाने गाने के बाद मिली. चालीस पार के संगीत प्रेमी इस बात को नहीं मानेंगे क्योंकि उन्होंने सोनू का स्टारडम जिया है.

कुछ लोग कहते हैं कि ये पब्लिसिटी स्टंट भाजपा में जाने के लिए किया गया है. सही है भाई, बेरोजगार आदमी और क्या करेगा. जब हर दूसरा गीत पाकिस्तानी गायक गा रहे हो तो भारतीयों को कौन पूछेगा.

अभिजीत, सोनू और कुमार सानू की व्यथा यही तो है. सोनू और अभिजीत तो चीख पुकार लेते हैं लेकिन बेचारे कुमार सानू तो ये भी नहीं कर पाते.

महेश भट्ट ने पाकिस्तानी गायकों से गवाने का सिलसिला शुरू किया और हमारे गायकों को अवसाद में ला दिया. योग्यता जब अपना लक्ष्य नहीं पाती तो सोनू, अभिजीत, सानू जैसे लोग तरह-तरह के प्रपंच रचते हैं ताकि उन पर ध्यान दिया जाए.

ये तीन बहुत जबर्दस्त गायक है और आगे भी गाना चाहते हैं. लेकिन क्या करें, फ़िल्म उद्योग सलमान, आमिर और शाहरुख़ के इशारों पर चलता है और इनकी सल्तनत में पाकिस्तानी गायकों का भला हो रहा है.

सोनू निगम के ये सब क्रियाकलाप आपको जगाने के लिए है. वो पूछ रहे हैं कि आतिफ असलम और देश में से आपने आतिफ को क्यों चुना.

सोनू ऑफर मिले तो भाजपा में चले जाओ क्योकि ये इंडस्ट्री और आतिफ पर मरी जा रही जनता, आपका और अभिजीत का दर्द नहीं समझेगी.

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