माल्या के हलक से भी निकाल लेंगे माल, गिरफ्तारी प्रक्रिया शुरू

माल्या को MLAT (मुचुअल लीगल असिस्टेंट ट्रीटी) संधि के तहत गिरफ्तार किया गया. वह भारत छोड़ने के बाद दो साल से लंदन में रह रहे हैं. करीब नौ हजार करोड़ रूपये का बैंक लोन लेकर लंदन भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार करने के कुछ देर बाद वेस्टमिंस्टर कोर्ट की तरफ से ज़मानत दे दी गई. उनकी गिरफ्तारी वेस्टमिंस्टर कोर्ट के आदेश के बाद ही हुई थी.

शराब कारोबारी माल्या लोन डिफाल्ट के मामले में भारत में वांछित है. उसे तब गिरफ्तार कर लिया गया जब वह आज सुबह मध्य लंदन पुलिस थाने में पेश हुआ.

विजय माल्या का ब्रिटेन से प्रत्यर्पण के लिए भारत अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखेगा. सरकार के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि उद्योगपति ने जनता के धन का अपव्यय किया है, कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया और बैंक ऋण नहीं चुकाया है. सूत्रों ने कहा कि सरकार इस मिथक को तोड़ना चाहती है कि देश से बाहर जाने के बाद कानून तोड़़ने वाले हमारी पहुंच से बाहर हो जाते हैं.

किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े ऋण के मामलों में 61 वर्षीय माल्या को ऋण अदायगी जानबूझकर नहीं करने वाला घोषित कर दिया गया है. भारत सरकार के अनुरोध पर उद्योगपति को आज लंदन में गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. एक साल पहले माल्या दिल्ली से भागकर लंदन चला गया था.

सूत्रों ने यहां कहा कि जनता के धन का अपव्यय किया, कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया, आपने बैंकों का ऋण नहीं चुकाया और आप ऐशो-आराम की जिन्दगी जी रहे हैं और तंत्र को कुछ नहीं समझते. मुझे लगता है कि भारतीय जनता में ऐसे लोगों को जेल में देखने की वैचारिक भूख है. सूत्र का कहना है कि यह गिरफ्तारी आईडीबीआई बैंक का ऋण नहीं चुकाने के मामले में हुआ है.

उनका कहना है कि ब्रिटिश अदालत द्वारा माल्या के प्र्रत्यर्पण पर फैसला भारतीय अदालतों के मुकाबले कम समय में आ जाएगा. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली को मजबूत साक्ष्य पेश करने होंगे क्योंकि प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध में सिर्फ एक देश में अपराध किये जाने की बात है. प्रत्यर्पण का मुकदमा झेल रहा कोई भी व्यक्ति इस आधार पर प्रक्रिया का विरोध कर सकता है कि भारत में उसके साथ स्वतंत्र न्याय नहीं होगा या न्यायिक प्रक्रिया उसके खिलाफ पक्षपातपूर्ण है या राजनीतिक रूप से प्रभावित है.

स्कॉटलैंड यार्ड ने कहा, मेट्रोपॉलिटन पुलिस की प्रत्यर्पण इकाई ने आज सुबह प्रत्यर्पण वारंट पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया. विजय माल्या को धोखाधड़ी के आरोपों में भारतीय अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार किया गया.

सीबीआई ने भी भगोड़े माल्या के गिरफ्तारी की पुष्टि की. 17 बैंकों का 9000 करोड़ रुपये का लोन विजय माल्या के ऊपर है. हालांकि पिछले साल नवंबर में ईडी ने माल्या की 6600 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर दी थी.

    Vijay Mallya has been arrested in London, and will be produced in Court today.

    — ANI (@ANI_news) April 18, 2017

इस बीच केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा. कानून अपना काम करेगा. माल्या को भारत लाया जाएगा.

कोर्ट से जमानत मिलने के बाद माल्या ने कहा कि प्रत्यर्पण मामले पर आज सुनवायी शुरू हुई है, जैसी की उम्मीद थी.

    Usual Indian media hype. Extradition hearing in Court started today as expected.

— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) April 18, 2017

माल्या का प्रत्यर्पण अनुरोध 8 फरवरी को भारत ने ब्रिटेन को सौंपा था
भारत और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि के अनुसार माल्या के संबंध में औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध आठ फरवरी को ब्रिटिश उच्चायोग को सौंपा गया था. अनुरोध सौंपते हुए भारत ने कहा था कि उसका माल्या के खिलाफ वैध मामला है. भारत ने कहा कि अगर प्रत्यर्पण अनुरोध को स्वीकार किया जाता है तो यह हमारी चिंताओं के प्रति ब्रिटेन की संवेदनशीलता को दिखाएगा.

ब्रिटेन में प्रत्यर्पण प्रक्रिया में न्यायाधीश द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर फैसले सहित कई कदम शामिल हैं. वारंट जारी होने पर व्यक्ति को गिरफ्तार करके शुरुआती सुनवाई के लिए अदालत के सामने लाया जाता है जिसके बाद मंत्री द्वारा अंतिम फैसले से पहले प्रत्यर्पण सुनवाई होती है. वांछित व्यक्ति को किसी भी फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय तक में अपील करने का अधिकार होता है.

इससे पहले इस साल जनवरी में सीबीआई की एक अदालत ने 720 करोड़ रुपये के आईडीबीआई बैंक ऋण चूक मामले में माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. माल्या दो मार्च 2016 को देश छोड़कर भाग गया था.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY