हनुमान भक्तों पर जमकर बरसीं ममता की पुलिस की लाठियां

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हनुमान जयंती के मौके मंगलवार की सुबह हिंदू जागरण मंच के सैकड़ों कार्यकर्ता ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ सड़कों पर उतर आए.

सूरी के बस स्टैंड के पास पुलिसकर्मियों ने जुलूस को रोका तो दोनों ओर से बहस होने लगी और इसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया.

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को जमकर पीटने के बाद इलाके में रेपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है. करीब 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है. लाठीचार्ज में मंच के कई कार्यकर्ता घायल हुए है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है.

इस बारे में भाजपा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष करने वाले थे. लेकिन बीरभूम पुलिस ने अनुमति नहीं दी और धारा-144 लागू कर दी.

हनुमान भक्त हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं का कहना है कि हम इस आयोजन की अनुमित को लेकर बार-बार पुलिस के पास गए लेकिन पुलिस ने मना कर दिया.

प्रशासन इस मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर रहा है. जिला प्रशासन अभी तक ये भी साफ नहीं कर रहा है कि किन कारणों के चलते उसने हिंदू जागरण मंच को हनुमान जयंती पर जलूस निकालने की इजाजत नहीं दी.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में रामनवमी के जलूस को निकालने की इजाजत नहीं दी थी. जिसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को फटकार लगाई थी.

अदालत ने कहा था कि नगरपालिका का आचरण लापरवाह, अकर्मण्य और दुर्भाग्यपूर्ण है. पूजा कमेटी के आवेदन को विलंबित करने का कोई औचित्य नहीं बनता. नगरपालिका के आचरण का कोई स्पष्टीकरण नहीं है. इस पूजा के खिलाफ यह रुख आखिर क्यों है?

हाइकोर्ट ने दक्षिण दमदम नगरपालिका कमेटी को आदेश दिया है कि वह दक्षिण दमदम रामनवमी कमेटी को रामनवमी का आयोजन करने की अनुमति दे. हाइकोर्ट के न्यायाधीश हरीश टंडन की अदालत ने इसके लिए नगरपालिका को फटकार भी लगायी.

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