राष्ट्र का पुनर्जागरण-काल : सिद्ध सफल मोदी और स्थापित होते योगी

योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व, लीडरशिप और प्रबंधन के तमाम राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों पर अपनी प्रभाविता सिद्ध करता है और बड़ी सहजता से ‘मल्टी टाइम ज़ोन’, माइक्रो-मैक्रो मैनेजमेंट’, ‘वेरिएबल पेस’ ‘कंस्ट्रकटिव फ्लेक्सिबिलिटी’, और ‘रिलायबिलिटी’ आदि लीडरशिप-मानकों पर उच्च निपुणता दर्शाता है.

एक सफल लीडर ‘मल्टी टाइम ज़ोन’ (बहु समय-क्षेत्र) में जीता हुआ विरासत की भूतकालिक स्वस्थ परम्पराओं को शक्ति देता है, वर्तमान का प्रबंधन करता है, और भविष्य की नीतियाँ गढ़ता है.

योग-विद्या जैसी भूतकालिक स्वस्थ परम्पराओं, वर्तमानकालिक क़ानून-व्यवस्था, और भविष्यत-पीढी की आरंभिक अंगरेजी-शिक्षा पर योगी के निर्देश उनके इस नेतृत्व-आयाम का उदाहरण है.

एक सफल लीडर की तरह योगी अगर सूक्ष्म स्तर (माइक्रो) पर सड़क के गड्ढों के समतलन पर गंभीर हैं तो नयी औद्योगिक-नीति जैसे स्थूल-स्तरीय प्रबंधन (मैक्रो) पर भी क्रियाशील हैं.

चुनौतियों की विशालता के मद्देनज़र वे, शपथ-ग्रहण के एक सप्ताह के अन्दर, लगभग पचास निर्णय ले कर लीडरशिप की ‘वेरिएबल पेस’ जैसी विशिष्टता दर्शाते हैं तो आवश्यकतानुसार कुछ निर्णयों में रचनात्मक लचीलापन (कंस्ट्रकटिव फ्लेक्सिबिलिटी) भी दिखाते हैं.

लीडर स्व-उदाहरण से अनुकरणीयता (एम्युलेशन-वर्दीनेस) निर्मित करता हुआ अपने दल को प्रेरित करता है. योगी अपने सहकर्मियों को कड़ी मेहनत का निर्देश देते हैं तो स्वयं भी घंटों अपने कर्तव्य-निर्वाह में जुटते हैं.

विश्वसनीयता – लीडर के शब्दों और कार्यों के बीच का शून्य-अंतर – को योगी अपने वादों की पूर्ति से दर्शाते हैं.

जनता की दैनिक-आवश्यकताओं के प्रति लीडर की संवेदनशीलता को योगी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति, स्कूल-फीस, लड़कियों की सुरक्षा, किसानों के कर्ज और गेंहू खरीद-मूल्य जैसे जनसाधारण-विषयों पर अपने निर्णयों से सामने रखते हैं.

अपने सादे जीवन से और इस पर सहकर्मियों को अपने सख्त निर्देशों से योगी सत्यनिष्ठा (इंटीग्रिटी) के मापदंड पर भी सफल हैं.

मोदी एक सिद्ध सफल लोकप्रिय लीडर हैं; योगी का नेतृत्व और लोकप्रियता स्थापित हो रही है. निःसंदेह यह राष्ट्र का पुनर्जागरण-काल है.

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