‘किसी भी’ अवैध का समर्थन नहीं करना चाहिए हमें

समर्थन, अलवर में भीड़ (दिल्ली-गाजियाबाद के डॉ नारंग की मौत की तरह आप इसे रोडरेज की घटना भी कह सकते हैं) के हाथों अवैध तरीके से कानून हाथ में लेने और तस्करों को पीटने का नहीं. दुर्भाग्य से पिटाई से घायल एक तस्कर की मौत का नहीं. मारने वालों का नहीं. हत्या के आरोपियों पर कठोरतम कार्यवाई का भी नहीं.

लेकिन ऐसा करते हुए मैं… उन अवैध तस्करों का समर्थन, बचाव भी नहीं करूंगा.

क्योंकि यहां इस संदर्भ में : गौ रक्षा अधिनियम के लागू होने की वजह से गाय.. संवैधानिक परिभाषा में कानून है. इसलिए अगर गाय के नाम पर कोई भाव आधारित तमाशा खड़ा करने का मकसद हो तो… उस मानसिकता से बाहर आने की जरूरत है.

गौबन्दी कानून के बाद गाय न कटने देना कानून का पालन, और काटना कानून का टूटना है.

इसलिए… नहीं कहूंगा कि राजस्थान में देश के कुछ कठोरतम गौ रक्षा कानूनों के बाद भी गाय की अवैध तस्करी करने वाले…. बेचारे थे.. रोजी कमाने वाले थे और भोजन की आजादी से जुड़े मामलों के क्रांतिकारी थे, लोगों के भोजन की जरूरत पूरी करते थे. बिलकुल नहीं.

अगर आपकी-मेरी खाने की जरूरत किसी अवैधता से पूरी होती हो, तो उसे जारी रखना… उसे बढ़ावा देना… उसकी छूट देना.. किसी भी सभ्य समाज के चिंतन का विषय नहीं हो सकता. बिलकुल नहीं.

अलवर पुलिस के मुताबिक मीडिया में जो नगर निगम का कागज दिखाया जा रहा है वह अवैध है. नगर निगम के अधिकार में ही नहीं है ऐसे पशुधन ट्रांसपोर्ट अनुमति देने का.

वे सभी अवैध गौ तस्कर थे. मार-पीट और एक तस्कर की मौत के मामले में 200 लोगों पर एफआईआर दर्ज है, आगे कार्यवाई चल रही है. बाकी वीडियो में दिख रहे 5 गौ तस्करों की और खोज है पुलिस को.

लड़कियों से अवैध छेड़छाड़, अवैध बूचड़खानों, अवैध खनन, अवैध वसूली, अवैध बिजली, अवैध पानी… से लेकर एंटी रोमियो पर पुलिस की अवैध हरकत सहित किसी अवैध का समर्थन नहीं करूंगा मैं : क्योंकि अवैध का समर्थन करने वाले अपराधी होते हैं.

मैं अपराधी नहीं हूँ : लेकिन ये कौन नैतिक अपराधी, असामाजिक तत्व, अवैध लोग हैं… जो देश में अवैधता का समर्थन करते हैं!

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY