अपने बच्चे को वेतनभोगी नौकर नहीं उद्यमी बनने के लिए तैयार कीजिये

पिछले सप्ताह मैं teachers की एक workshop ले रहा था. Teachers वो लोग हैं जो NTT, BTC, BEd और TET, CTET, NET करके या BBA, BCA, MCA, BTech, MTech करके सरकार की छाती पे सवार हो जाते हैं… हमको नौकरी दो…

इस देश का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था हमारे देश के सबसे होनहार brilliant बच्चों को Entrance exam में छांट के, उनको बेहतरीन शिक्षा दे के भी सिर्फ एक वेतन भोगी, गुलाम बनाती है….

IIT मुम्बई, दिल्ली और IIM अहमदाबाद के होनहार छात्र भी अंततः किसी लाला के तबेले में उसका पट्टा पहन के उसकी गुलामी ही करते हैं….

शिक्षा व्यवस्था ऐसे लोगों की फौज खड़ी कर रही है जो पढ़ लिख के, degree ले के सरकार और system के सामने मुंह बाए खड़े हो जाते हैं…. हमको नौकरी दो…

उस workshop में मेरे सामने बैठे teachers सब उसी मानसिकता के लोग थे…. system और सरकार से नाराज disgruntled लोग…. सरकारी नौकरी न मिलने से नाराज लोग….

और मैं…. उसी सिस्टम का एक भाग जो हर साल ऐसे लाखों लोग तैयार करता है…. सो मैंने उन teachers से पूछा कि हम नौकरी मांगने वाले न हो कर नौकरी देने वाले क्यों नही बन सकते?

हम Entrepreneurs क्यों नहीं बन सकते? आप लोग जो मेरे सामने बैठे हैं सब बेशक़ नौकर और वेतनभोगी लोग हैं पर क्या हम अपने students में वेतनभोगी नौकर बनने की बजाय उद्यमी – Entrepreneurs बनने की लालसा जागृत कर सकते हैं?

वेतनभोगी से उद्यमी बनने के लिए सबसे पहले तो एक सोच चाहिए…. Mind set तैयार करना पड़ेगा. उसकी नींव इसी स्कूली जीवन में ही डालनी पड़ेगी….

Entrepreneur बनाने के लिए Mindset तैयार करने के बाद Skill डेवलपमेंट करना होगा…. उसके लिए सबसे पहले हाथ और उंगलियां चलानी सिखानी होंगी…. जब हाथ चलने लगेंगे तो दिमाग भी चलेगा…. creativity आएगी…. तब दिमाग कुछ सृजन की दिशा में सोचना शुरु करेगा….

workshop का विषय था Activity based Learning…. Learning by doing.

योजना ये है कि स्कूल में कुछ ऐसी activities शुरू की जाएं जो Skill oriented हों…. फिलहाल इसमें Cooking, Baking, cutting, chopping, pottery, sculpting, fashion, makeup, hair styling, fine arts, music, photography, film making, reporting, news writing, editing और ऐसी ही अन्य skills जिसमें बच्चे की उंगलियां और दिमाग चलना शुरू हो….

ये स्कूल में सिखाया जाए और इसके साथ-साथ पहले दिन से दिमाग में भरा जाए कि ज़िन्दगी में किसी से नौकरी मांगने वाला नहीं बनना है बल्कि 10 लोगों को नौकरी, रोजगार देने वाला बनना है.

अपने बच्चे को वेतनभोगी नौकर नही बल्कि Entrepreneur उद्यमी बनने के लिए तैयार कीजिये.

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