गोपालन से लाभार्जन न हुआ तो कटता रहेगा गोवंश

गौ संरक्षक अगर एक बात पर ध्यान दें तो गौ वंश हत्या होने से रुकेगी. वो है गोवंश की लाभार्जन (profitability). आज अक्सर जो गायें कटती हैं वे ऐसी गायें होती हैं जिनके मालिकों ने उन्हें छोड़ दिया होता है क्योंकि उन्हें पालना मालिकों के लिए घाटे का सौदा हो जाता है.

इन गायों की प्रजनन की क्षमता ख़त्म हो चुकी होती है याने दुग्धोत्पादन की भी क्षमता ख़त्म हो चुकी होती है. चूँकि ये गायें दूध के लिए पाली जाती हैं इसलिए जब इनसे दूध मिलना बंद होता है तब उन्हें निकाल दिया जाता है या बेचा जाता है.

गौ प्रेमियों को यह बात अखरती है और वे गायें बचाने हल्ला करते रहते हैं, कभी-कभी हिंसा भी करते हैं लेकिन अक्सर उनके हाथों कटी हुई गायें ही आती हैं जिनको फिर समाधि दी जाती है और सेल्फियाँ ली जाती हैं जो पोस्ट की जाती हैं.

बछड़े, सांड और बैलों का क्या होता है इसके बारे में कहीं कुछ कहा नहीं जाता. जब वे भी पकडे जाते हैं तो गोवंश की बात होती है, नहीं तो बात गौ माता तक ही रह जाती है.

जब तक देसी गाय केवल दूध के लिए पाली जायेगी, देसी गोवंश कटता रहेगा. और दुःख की बात यह भी है कि भारतीय गाय, विदेशी गाय की तुलना में बहुत कम दूध देती है. जिसके कारण अब शुद्ध भारतीय गोवंश नष्ट होता चला है. जहाँ देखिये, क्रॉसब्रीड ही दिखती हैं.

तो भारतीय याने शुद्ध देसी गाय की या गोवंश की profitability कहाँ है ?

क्या गौशालाएं ही इसका समाधान है? नहीं. क्या सरकार कानून बनाने से गोवंश की हत्या बंद होगी? नहीं लेकिन शायद हिन्दू ही बोझ बने पशुओं को जहर देना शुरू करेंगे.

क्या दानवीरों पर ही यह जिम्मेदारी है? ना रहे तो अच्छा होगा, स्वयंपूर्ण होना अधिक अच्छा है. यहाँ बात profitability की आती है.

कभी-कभी समाधान तब निकलता है जब हर स्टैण्डर्ड बात को नकारा जाए. अब सोचिये.

गाय ही नहीं, बछड़े बैल और सांड को जिन्दा रखना बाध्यता है, अन्यथा कड़े दंड का प्रावधान है. क्या करेंगे? छोड़ नहीं सकते, मार नहीं सकते और उन्हें खिलाना तथा उनकी सेवा करना भारी आर्थिक बोझ भी है. क्या करेंगे, पालना ही छोड़ देंगे?

एक बात बताइये, ये पशु क्या देते रहते हैं अंत तक? गोबर और गोमूत्र. नहीं, मैं आप को डॉ राजीव दीक्षित का वीडियो नहीं दे रहा.

अगर कोई मिले जो कहे हाँ, मुझे ये परिणाम मिले हैं और मैं करोड़पति बन गया, तो उसका वीडियो दिखाने लायक होगा. वहां भी शर्तें लागू होंगी : क्या वो पहले साधारण व्यक्ति था और अब करोड़पति बना है? एक से मैं मिल आया लेकिन उसका फार्मूला अलग है. उस पर भी विवेचन होगा.

गोबर गोमूत्र से क्या profitability निकालेंगे आप ?

सनद रहे, यह विषय अधूरा है. यह प्रश्न नेगेटिव नहीं है जिसका उत्तर ‘कुछ नहीं’ होता है – नहीं, इस प्रश्न का उत्तर पॉजिटिव भी होता है, थोड़ा सा हट कर सोचने की आवश्यकता है.

दान अगर करना ही है, धारा ज़रा सी मोड़ने से अंततोगत्वा आप का ही फायदा होगा. बहुत कुछ हो सकता है. इसी बात को लेकर यात्रा पर रहूंगा.

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