आतंकियों के साथ उनकी ढाल बने पत्थरबाजों को भी निपटाया, 3 की मौत, एक आतंकी ढेर

श्रीनगर. कश्मीर के बडगाम जिले में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में आतंकियों की ढाल बने पत्थरबाजों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 3 पत्थरबाजों की भी मौत हो गई, जबकि 27 लोग घायल हुए.

कई घंटे चली मुठभेड़ में एक आतंकवादी को मारा गिराया गया. अभी आतंकवादी की पहचान नहीं की जा सकी है. पत्थरबाजी में सीआरपीएफ और पुलिस के कुल 63 जवान घायल हुए हैं. राष्ट्रीय राइफल्स के एक जवान को गोली भी लगी है.

इससे पहले कश्मीरी पत्थरबाजों के बीच दहशत का पर्याय बन चुकी पैलट गन पर सुप्रीम कोर्ट ने बेरुखी दिखाते हुए केंद्र से इसके बदले अन्य उपायों पर विचार करने को कहा था.

साफ़ है कि सर्वोच्च न्यायालय के इस रुख से कश्मीर में पत्थरबाज़ जोश में आ गए, लेकिन भूल गए कि थल सेनाध्यक्ष जनरल रावत ने पहले ही कह रखा है कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई में बाधक लोगों को आतंकियों का सहयोगी मानकर कार्रवाई की जाएगी.

नतीज़ा सामने है. 3 पत्थरबाज ढेर, 27 घायल. यह सिलसिला आगे बढ़ेगा तो उम्मीद की जानी चाहिए कि कश्मीरी पत्थरबाज सुप्रीम कोर्ट से खुद ही कहेंगे कि पैलट गन ही ठीक थी.

उल्लेखनीय है कि बडगाम के चदूरा इलाके में 2 आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके में सुबह में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. सुरक्षाबलों को इस मुठभेड़ में दो तरफ से चुनौती का सामना करना पड़ा.

एक तरफ आतंकवादी थे, तो दूसरी तरफ आतंकियों से सहानुभूति रखने वाले पत्थरबाज. ये लोग मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश करते रहे.

एनकाउंटर के बारे में सीआरपीएफ के डीआईजी संजय कुमार ने बताया कि ऑपरेशन वाकई काफी मुश्किल था क्योंकि सुरक्षा बलों को दो मोर्चों पर लड़ना पड़ रहा था.

उन्होंने कहा, ‘एक तरफ आतंकवादी थे, दूसरी ओर पत्थरबाजी करते स्थानीय लोग. कुछ लोगों ने हमारे काम को काफी मुश्किल बना दिया. जोरदार हंगामा किया गया, पत्थरबाजी हुई, हमें गालियां दी गईं और हमारे लोगों को घायल किया गया.’

कुमार के मुताबिक पत्थरबाजी में सीआरपीएफ के 43 जवानों को चोट आई है और पुलिस के भी 20 जवान घायल हुए हैं.

सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल जब आतंकियों के छिपने के ठिकाने के पास पहुंचे, तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई.

इस बीच कई स्थानीय लोगों ने आतंकियों के समर्थन में नारेबाजी और पथराव किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों की फायरिंग में 3 लोगों की जान चली गई और कुछ लोग घायल हो गए.

सेना के एक अधिकारी ने बताया, ‘एक आतंकी मारा गया और मुठभेड़ स्थल के पास से एक हथियार बरामद किया गया है.’ उन्होंने बताया कि आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को पेलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए.

इस बीच राजनीतिक रस्म अदायगी करते हुए प्रदेश की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने तीन नागरिकों के मारे जाने पर दुख जताया है. उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से शांति की अपील करते हुए कहा कि यदि हिंसा जारी रही तो राज्य से जुड़े मुद्दों को समाधान नहीं किया जा सकता है.

सुरक्षा बलों की फायरिंग में तीन युवाओं के मारे जाने पर दुख व्यक्त करते हुए नैशनल कॉफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने हिंसा के लिए केंद्र और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्थिति को चिंताजनक करार दिया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर विवाद को लेकर सभी संबंधित पक्ष के लोगों को बातचीत में शामिल करने की वकालत की.

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