सेक्युलर गिरोह के नेता हो हल्ला कर पहुंचा रहे भाजपा को फायदा, मचाने दो हल्ला

मैंने कुछ दिन पहले लिखा था कि मोदी और भाजपा नीत सरकारें जो निर्णय ले रही हैं उनसे 97% लोगों को कोई फर्क नही पड़ता. सिर्फ 3% लोगों को आपत्ति होती है. नाराज़गी होती है.

नोटबंदी से सिर्फ उन लोगों को समस्या हुई जिनके पास करोड़ों रु का कालाधन था. वो जो 100 – 200 या 1000 – 2000 करोड़ रूपए दबा के बैठे थे.

आम आदमी जो रोज़ कमाता खाता है उसे क्या दिक्कत हुई नोटबंदी से?

पर विपक्षी पार्टियां छूछे फायर कर रही थीं…. यूँ मुहर्रम मनाया जा रहा था मानो आम आदमी मर गया…. नोट बंदी पे अपना निर्णय आम जनता ने पिछले चुनाव में सुना दिया.

अब विपक्षी पार्टियां इस मीट बंदी पे फिर छूछे फायर कर रही है….. हाय हाय…. मीट व्यापारी नाराज हैं….

अबे बेवकूफों…. कितने मीट व्यापारी हैं बे देस में? और उनकी नाराज़गी से किसको फर्क पड़ता है बे?

भारत मूलतः शाकाहारी देश है…. हम कितना मीट मुर्गा खाते हैं बे? महीने में दो बार? वो भी दुइ पीस….

अबे हम हिन्दू खाते कम हल्ला ज्यादा करते हैं बे…. ई साले करें हड़ताल…. जिसको तलब लगेगी वो अपनी मिटायेगा न कैसे भी….

अगर महिन्ना, दुइ महिन्ना मीट मुर्गा न मिले तो कोई नहीं मरने जा रहा. और प्रॉब्लम होगी शहरी बाबुओं को…. हम गाँव वाले तो दो मिनट में खुद्दे मुर्गा छील छाल के फिट कर लेते हैं.

उधर खबर आ रही है कि खस्सी 800 रुपिया बिका रहा है….. ये आम ग्रामीण और किसान के लिए बहुत बहुत अच्छी खबर है. छोटे स्तर पे Un organized बकरी पालन गरीब आदमी की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है.

एक गरीब औरत अपने घर में सिर्फ 2 बकरियां पाल के अपने बच्चों को पाव भर आधा सेर दूध भी पिला लेगी और साल में 4 – 6 खस्सी भी बेच लेगी.

और अगर ऐसे ही गाँव में 800 रु किलो खस्सी बिकने लगा तो गरीब आदमी को कितना फायदा है सोच लीजिये.

दूसरे ये मीट sellers की हड़ताल का असर शहरी बाबूओं को तो हो सकता है, गाँव वालों को नहीं…. गाँव वाले तो खुद ही जब मूड बने 12 – 14 किलो का खस्सी उलाट के काम कर लेते हैं.

जहां तक बात शहरियों की तो वो इस luxury के लिए मरे नहीं जा रहे.

इस अवैध Slaughter House के खिलाफ छिड़ी मुहिम का सीधा सीधा लाभ देश के आम मछली पालक और poultry farmer को होने जा रहा है.

बहुत जल्दी आपको समाचार मिलेगा कि मुर्गा 250 हो गया. और 80 – 90 बिकने वाली मछली 150 या 200

बूचड़खानों के खिलाफ कार्यवाही से भारत खुश है. खबरंडियों, प्रेश्यायें और सेक्युलर गिरोह के नेता हो हल्ला मचा के भाजपा को फायदा ही पहुंचा रहे हैं. मचाने दो हल्ला.

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