लगाम ज़रूरी है ताकि सही तरीके से दौड़ सकें घोड़े

समाज में प्रेम, और प्रेमी जोड़े सदैव रहे हैं, और इन्हें आदर से देखा भी जाता रहा है. कारण है इनके उस प्रेम में एक सौंदर्य का भाव होता था, समर्पण, लाज, लिहाज होता था.

इनकी मस्तियाँ, आँखों की अठखेलियाँ, इशारे, अदाएँ, बहाने, दूर से देखने वालों को बड़ा आनंदित करता था, एक का बिना कहे सब कह जाना और सामने वाले का बिना सुने सब कुछ समझ जाना….. वाकई रोमांचित करता था.

ऐसा नहीं कि माँ-बाप या भाई-बहन को भनक नहीं होती थी अपने बच्चों की, कि वे किसे पसंद करते हैं या किससे शादी करना चाहते हैं.

पर सब कुछ एक बारीक़ मर्यादा के परदे में चलता था जो इसकी गंभीरता, पवित्रता और विश्वसनीयता बरकरार रखता था.

आज पार्क हो, बस हो, रेस्तरां हो, ट्रेन हो या कोई भी गली चौबारा…. आपको लड़के-लड़कियाँ चिपके हुए दिख जाएंगे.

हम जैसे युवाओं को ख़ास समस्या नहीं होती पर साथ में बच्चे या बुज़ुर्ग हों तो ऐसे दृश्य देखकर सब अपनी-अपनी बगलें झाँकने लगते हैं.

आख़िर करें भी तो क्या? वहाँ जाना या गुज़रना मजबूरी होती है, आज तो ये स्थिति है कि आप ऐसी खाली जगह और शांत वातावरण शायद केवल सपनों में ही खोज पाएँ.

प्यार करना कोई बुरी बात नहीं है, प्रेम तो इस देश की मिट्टी मिट्टी में है, हमारे आराध्य जिन्हें हम पूजते हैं उनसे बड़ी मिसाल तो पूरी दुनिया में नहीं प्रेम की.

पर प्रेम और लम्पटई में फर्क समझिए, बड़ों का और बच्चों का लिहाज कीजिये. ये नहीं कि कोई आ रहा है या जा रहा है पर आप दोनों पिले पड़े हैं दुनिया से बेखबर….

माँ-बाप या समाज प्रेम के विरोधी नहीं होते वे बस इसलिए चिंतित होते हैं कि उनके बच्चे किसी गंदे जाल में ना फंस जाएँ उनका कोई शोषण ना कर ले.

हम अक्सर देखते ही हैं कि फलानी लड़की का MMS बन गया, ढिकाने लड़के ने प्रेम में असफल होने पर आत्महत्या कर ली….

सोचिये ऐसी खबरें या वीडियो जब आपके माँ बाप के सामने से गुज़रते हैं तो उन पर क्या बीतती होगी….

प्रेम कीजिये, पर ज़िम्मेवारी से…. अच्छी तरह जाँच पड़ताल कीजिये, धीरे-धीरे आगे बढिये ताकि प्रेम में यदि आप असफल भी हों तो आपको और आपके माँ बाप, परिवार समाज को शर्मिंदा ना होना पड़े.

लड़कियों को ख़ासकर एक बात गाँठ बाँध लेनी चाहिए कि आपका प्रेमी या बॉय फ्रेंड यदि आपसे आपकी निजी तस्वीरें या वीडियो बनाकर भेजने की ज़िद करता है तो स्पष्ट शब्दों में मना कर दीजिए, हो सके तो ऐसे रिश्ते को तत्काल ख़त्म कर दीजिए.

ऐसी मांग करना केवल और केवल मानसिक विकृति है, और ये प्रेम तो कतई नहीं केवल वासना है जो आगे चलकर आपको कहीं का नहीं छोड़ती.

यूपी सरकार की मनचलों और मनचलियों पे कार्रवाई आपको, मुझे या किसी और सो कॉल्ड प्रगतिशील को आज भले थोड़ी अटपटी लग रही होगी, पर एक बार किसी लड़की के माँ-बाप-भाई से पूछ के देखिये, वो कितने निश्चिन्त हैं आज….

जब घोड़ा बेलगाम होता है तो किसी के वश में नहीं रह जाता, लगाम ज़रूरी होती है उसे सही तरीके से दौड़ाने के लिए.

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