जो माल तुमरे अब्बा का नै, ओका कइसे खैरात में बंटिहो

अरे कोई अरविंद केजरीवाल को बताए : वे देश में केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नहीं हैं!

एमसीडी के चुनावों में वादा करते हुए केजरीवाल वह हाउस टैक्स माफ़ करने करने की बात कह रहे हैं जिसे केवल देश की संसद कर सकती है.

दिल्ली म्युनिसिपल कार्पोरेशन एक्ट 1957 के आर्टिकल 113A के तहत रेज़िडेंशियल प्रॉपर्टी पर हाउस टैक्स लगाना अनिवार्य (मेंडेटरी) है. इसे केवल देश की संसद एमसीडी एक्ट 1957 में बदलाव करके कर सकती है.

[एमसीडी एक्ट 1957 पीडीएफ]

ये आदमी फिर लड़ेगा और कहेगा, मोदी हमको काम नहीं करने दे रहे : जबकि ये खुद बेकाम के काम करता रहेगा.

पूछिये दिल्ली! जो माल तुमरे अब्बा का नै, ओका कइसे खैरात में बंटिहो… शहरी नक्सली उर्फ़ इलेक्टेड अराजक?

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा था कि अगर दिल्ली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत होती है, तो गृह कर खत्म कर दिया जाएगा.

केजरीवाल ने कहा था कि अगर दिल्ली नगर निगम चुनाव में ‘आप’ सत्ता में आती है तो रिहायशी गृह कर खत्म कर दिए जाएंगे. बकाया गृह कर भी माफ कर दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि औद्योगिक और व्यावसायिक गृह कर पूर्ववत रहेंगे.

वहीं, दिल्ली भारतीय जनता पार्टी इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल की इस घोषणा की आलोचना करते हुए कहा, यह कहना शर्मनाक है कि अगर एक बार दिल्ली के नगर निगम चुनाव में उनकी पार्टी जीतती है तो गृह कर खत्म कर दिया जाएगा.

तिवारी के मुताबिक़ पिछले दो वर्षों के दौरान केजरीवाल सरकार ने कई बार तीनों नगर निगमों को सख्ती के साथ गृह कर वसूलने, खासकर अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों से गृह कर वसूलने के लिए लिखा है.

दिल्ली नगर निगम के 272 वार्डों के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जिसके नतीजे 26 अप्रैल को आएंगे.

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