हम सब मिल कर अपने बच्चों को मार रहे हैं

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में छोटे बच्चों के साथ काम करते हुए हम लोग, जो teaching या management से जुड़े हैं, हमेशा एक समस्या से जूझते हैं.

अक्सर parents हमारे पास आते हैं ये शिकायत ले कर… हमारा बच्चा तो सब कुछ भूल गया आपके स्कूल में. अजी पिछले स्कूल में तो उसे ये फलां-फलां चीज़ सब याद थी…. 20 तक पहाड़ा याद था…. ये याद था…. वो याद था. अब सब भूल गया. आप लोग ध्यान नहीं दे रहे. ये स्कूल अच्छा नहीं है. इसे तो किसी प्रश्न का उत्तर याद ही नहीं रहता.

दरअसल एक अभिभावक के रूप में हम एक बच्चे को समझ नहीं पाते. हम खुद अपना बचपन भूल जाते है. ये भूल जाते हैं कि हमारे साथ क्या हुआ था.

विस्मरण…. यानि भूलना…. प्रकृति द्वारा मनुष्य को दिया गया सबसे विलक्षण गुण है. हमारा शरीर, हमारा मन और हमारे शरीर का पूरा system ही ईश्वर ने इस तरह design किया है कि हम दिन भर की कच-कच के बाद एक अच्छी नींद सोते हैं और सुबह तक सब भूल जाते हैं.

बहुत हुआ तो 2-4 दिन में भूल जाते हैं. कैसी भी कड़वी से कड़वी बात हो, बुरा से बुरा अनुभव हो, आदमी भूल जाता है. जवान बेटे की मौत भूल जाता है. मान-अपमान भूल जाता है.

कल्पना कीजिये…. आपके पड़ोसी ने आपको गाली दी थी…. आप ये बात न भूलें तो क्या होगा? आज नहीं तो कल आप उसका सिर फोड़ देंगे….

यदि भूलने की प्रक्रिया : विस्मरण न हो तो क्या हाल होगा आदमी का? पागल हो के मर जाएगा महीने दो महीने में. इसलिए परमात्मा ने system ही ऐसा बना दिया…. जा भूल जा बेटा.

अब यही सिस्टम जब आपके बेटे के साथ उसकी education में काम करता है तो आप परेशान हो जाते हैं. कमबख्त सब भूल गया 3 दिन में.

जबकि सत्य यह है कि बच्चा कुछ नहीं भूलता. जो कुछ वो सीखता है वो सब उसकी एक internal memory में store होता रहता है.

हाँ वो आपकी एक click से उसकी answer sheet रुपी monitor पे प्रकट नहीं होता. पर जैसे-जैसे वो बड़ा होता है mature होता है, समय के साथ आवश्यकता पड़ने पे वो सब उसे याद आता जाता है.

इसलिए बच्चों की शिक्षा में हमारी approach ये होनी चाहिए कि बच्चे को रोज़ाना कुछ नया बताइये-दिखाइए उसे खुद feel करने दीजिये, समझने दीजिये और आगे बढ़ जाइए.

ये आशा मत कीजिये कि वो हर चीज़ को रट ले या याद रखे. अगले दिन फिर कुछ नया सिखाइये. वो सीखता जाएगा और आगे बढ़ता जाएगा.

हमारे education system में हमारे exams ही समस्या हैं. हमारे exams बच्चे की समझ : understanding को जांचने के लिए नहीं बने बल्कि ये देखने के लिए बने हैं कि बच्चा रट कर answer sheet पे कितनी बढ़िया vomiting करता है.

हम सब मिल कर अपने बच्चों को मार रहे हैं.

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