तिरंगे से डरा पाकिस्तान, लगाया जासूसी का आरोप

नई दिल्ली. सर्जिकल स्ट्राइक के भारतीय सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान को डर लगना स्वाभाविक है, लेकिन अब उसे और पाकिस्तानी फौज को भारत के झंडे से भी डर लग रहा है.

दरअसल रविवार को पाकिस्तान से महज कुछ ही दूरी पर स्थित भारत-पाक अटारी बॉर्डर पर 360 फुट ऊंचे फ्लैगमास्ट का उद्घाटन किया गया. इसे देश का सबसे ऊंचा फ्लैगमास्ट कहा जा रहा है.

इसी झंडे से पाकिस्तान को डर लग रहा है. पाकिस्तानी अधिकारियों को आशंका है कि इस फ्लैगमास्ट का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ जासूसी के लिए हो सकता है.

ये तिरंगा 120 लंबा और 80 फुट चौड़ा है. इसके निर्माण पर 3.50 करोड़ रुपये का खर्च आया है. यह पंजाब सरकार के अमृतसर सुधार न्यास प्राधिकरण की परियोजना थी.

पंजाब के मंत्री अनिल जोशी ने इस सबसे ऊंचे फ्लैगमास्ट पर देश का सबसे बड़ा तिरंगा फहराया. इससे पहले झारखंड के रांची में सबसे लंबा 293 फुट ऊंचा तिरंगा लहराया गया था.

हालांकि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तिरंगा फहराए जाने के भारत के फैसले से पाकिस्तान खुश नहीं है. सूत्रों ने कहा है कि पाकिस्तान रेंजर्स ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को अपनी असंतोष व्यक्त कर दिया है और उन्हें सीमा से दूर ध्वज को स्थापित करने के लिए कहा है.

पाकिस्तान ने इसे अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन बताया है. पाकिस्तान के अधिकारियों को आशंका है कि भारत इस फ्लैगमास्ट का इस्तेमाल जासूसी के लिए कर सकता है.

हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया था कि फ्लैगमास्ट जीरो लाइन से पहले 200 मीटर पहले स्थापित किया गया है किसी भी तरह का उल्लंघन नहीं हुआ है.

मंत्री अनिल जोशी ने कहा, यह हमारा राष्ट्रीय ध्वज है और कोई भी हमें अपनी धरती पर इसे फहराने से रोक नहीं सकता है.

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