बहुत आसान है यूँ किसी को अनपढ़ कह के निकल जाना…

कल मेरे पास एक लड़की आयी इंटरव्यू देने. GNDU मने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर की पोस्ट ग्रेजुएट… Vacancy अंग्रेजी के अध्यापक की….

क्या पढ़ाएंगी? अंग्रेजी….

कौन सी क्लास को? 10वीं, 12वीं, BA…. जो मर्जी पढ़वा लो…..

माँ कसम उसका कॉन्फिडेंस देख के दिल बाग़-बाग़ हो गया…. उत्साहित होके अपन ने सवाल दाग दिए

आपकी पसंदीदा क्या है, poetry या prose? पसंदीदा उपन्यास? कितने उपन्यास पढ़े आज तक? Favourite Author?

Blank…. सन्नाटा…

बात चली Short story की….

आपकी favourite short story?

जवाब मिला Hare and the Tortoise….

मैं जोर से हँस पड़ा….

मैंने आगे ये पूछने की जुर्रत ही नहीं की कि आपका पसंदीदा short story writer कौन है?

कौमनष्ट जावेद अख्तर कहता है कि वीरेंद्र सहवाग और योगेश्वर दत्त अनपढ़ हैं.

योगेश्वर दत्त ने जो हासिल किया उसके लिए सात जन्म लेने पड़ जाएं तो भी कम….. 20 साल की तपस्या…. न दिन देखा, न रात…. न धूप, न पानी पाथर….

3-4 घंटे सुबह और 3-4 घंटे शाम को रोज़ाना…. मने औसतन 6-8 घंटे का रियाज़…. 20 साल???

वो भी इतनी लगन से कि बगुला भी शर्मा जाए…. जिस आदमी ने ज़िन्दगी में कभी 4 बजे के बाद सो के नहीं देखा…. उसे अनपढ़ कह के निकल जाना कितना आसान है…. जिसे अर्जुन की तरह मैडलके अलावा कुछ दिखा ही नहीं ज़िन्दगी में?

कोई स्कॉलर अगर 20 साल रोज़ाना 8 घंटे पढ़े तो कितना पढ़ जाएगा?

बहुत आसान है यूँ किसी को अनपढ़ कह के निकल जाना….

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