सोशल पर वायरल : हे सनातनियों! गजनी की सेना के आगे खड़ी गायों को पहचानिए

Gurmehar aap party member making india

सोमनाथ में गजनी ने फ़ौज के आगे गाय चला दी थी. हिंदुओं ने गायों पर वार नहीं किया, और अपनी संतानों को एक हज़ार साल की दासता देकर चले गए.

सेना के जनरल का सब से मुश्किल काम माना जाता है ये निर्णय लेना कि आज कुछ लोगों को मार दिया जाय ताकि कल बहुत सारे लोगों को न मरना पड़े. योद्धा को माना जाता है कि ये आन वाले व्यक्ति होते है यानि honourable men.

लेकिन अगर आपका दुश्मन honourable ना हो तो?

दुश्मन अगर कुत्तई पर उतर आए तो?

हम आन सर पर रखे, सर कटा बैठे और अपने बच्चों व महिलाओं को दासता में धकेलकर यमराज से स्वर्ग माँगे कि हम तो युद्ध में वीरगति पाए लोग है?

अगर कुछ हिंदू पाप के भागी होना स्वीकार कर गजनी द्वारा कवच के रूप में इस्तेमाल की जा रही गायों को मार डालते तो?

कौन सा पाप बड़ा है: गाय की हत्या या महिलाओं को भोगदासी बन जाने के लिए असहाय छोड़ देना?

इतिहास उठा कर देख लीजिए, शांतिदूतों ने हर लड़ाई धोखे से जीती. हर लड़ाई सनातन युद्ध नियमों को तोड़कर जीती.

अंग्रेजो ने हर भारतीय शासक से आवश्यकता होने पर समझौता किया और ताक़तवर होते ही तोड़ दिया.

आपके लिए सबसे घातक है कि आप लड़ ही ना पाए और हार जायें. और दुश्मन के लिए सबसे बड़ी जीत है जो लड़ाई हुए बिना ही मिल जाए.

ध्यान से देखे: तीनों गिरोह, वामी, कसाई, प्रेमकसाइ (Left, RoP, RoL) पूरी कोशिश करते है कि आप कभी लड़े ही नहीं, और एक दिन आपको पता चले कि युद्ध चल रहा था और आप हार गए.

वीरगति पाए सैनिक के परिवार का सम्मान किया जाता है लेकिन परिवार का कोई एक सदस्य किसी राजनीतिक दल या आंदोलन को join कर ले तो? फिर हम हथियार फेंक कर रोंदे जाने के लिए तैयार हो जाएं.

गुरमेहर अपने हुतात्मा पिता की पुत्री अपने घर में है, और उसके लिए उन्हें नमन.

लेकिन देशद्रोही वामपंथी ठगो के साथ चलती, उनकी ढाल बनती गुरमेहर कौर ना एक हुतात्मा पिता की पुत्री है ना महिला, बस दुश्मन की एक सैनिक है.
मीडिया व वामपंथी हर बार उनके नाम के साथ a martyr’s daughter, and a 20 year old student जोड़ रहे है लेकिन सनातनी याद रखे कि गजनी की सेना के आगे चल रही गायों को मारना पाप नहीं है बल्कि अपने राष्ट्र, महिलाओं  व बच्चों की रक्षा न कर पाना पाप है.

ये दुर्भाग्य है कि एक हुतात्मा की पुत्री ने गजनी की सेना की ढाल बनने का निर्णय लिया है, लेकिन निर्णय व परिणाम दोनों का उत्तरदायित्व उसी का है.

– अनंगपाल मालिक (Viral Post of Social Media)

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