रवीश कुमार टीवी स्क्रीन दोबारा काली करके कब आ रहे हैं?

टीवी स्क्रीन काला कर देश और सरकार को आईना दिखाने का दम्भ भरने वाले पत्रकार रवीश कुमार के अपने खून ने उनका मुँह काला कर दिया है. कथित तौर पर रवीश के भाई कहे जा रहे बिहार प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडेय पर यौन शोषण और सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा है.

मामला राज्य के एक पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता की बेटी के यौन शोषण का है. पीड़िता दलित वर्ग से आती है. इस मामले में एक पूर्व आई ए एस ऑफिसर और पटना के बड़े बिजनेसमैन निखिल प्रियदर्शी  था संजीत कुमार शर्मा नाम के एक व्यक्ति पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला चल रहा है. एस. आई.टी. जांच में ब्रजेश पांडेय का भी नाम सामने आया है. पीड़िता ने इन तीनों पर दुष्कर्म करने के साथ-साथ सेक्स रैकेट चलाने का भी आरोप लगाया था.

लड़की ने गांधी मैदान के हरिजन थाने में ब्रजेश पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. लड़की ने एक वीडियो क्लीपिंग भी पुलिस को दी है जो वायरल हो गया है. जानकारी के मुताबिक पुलिस ने शुरुआती जांच में आरोप सही पाए हैं.

पीड़ित लड़की के मुताबिक ब्रजेश पांडेय सेक्स रैकेट चलाता है और लड़कियों को फंसाकर उनका यौन शोषण करता है. ब्रजेश पांडेय का नाम सेक्स रैकेट से जुड़ने के बाद जांच CID को दी गई है. आरोप सरकार में मौजूद कांग्रेस पार्टी के एक बड़े नेता पर है. इसलिए पुलिस इस पर कुछ भी साफ नहीं कह रही है. सरकार की तरफ से भी कोई बात करने को तैयार नहीं है. पटना की स्थानीय मीडिया भी इस खबर को दबा रही है.

मिली जानकारी के अनुसार एसआईटी ने पांडेय के रूपसपुर स्थित घर पर छापेमारी की लेकिन वे नहीं मिले.

कयास लगाया जा रहा है कि पांडेय भूमिगत हो गए हैं. आईजी कमजोर वर्ग एके यादव ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही है.

इस मामले में निखिल और संजीत पहले से ही आरोपी हैं और सभी का सम्बन्ध कांग्रेस पार्टी से बताया जाता है. निखिल के परिजनों पर भी एससी-एसटी थाने में पीड़िता ने केस किया था लेकिन परिजनों के खिलाफ कार्रवाई करने पर कोर्ट ने रोक लगा दी है. प्रियदर्शी और संजीत भी फरार चल रहे हैं.

इधर, पांडेय ने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है. एसआईटी सही जांच करे.

ब्रजेश पांडेय के हाथों में अघोषित तौर पर बिहार में कांग्रेस की कमान है और वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी के काफी करीबी माने जाते हैं.

राहुल गांधी ने जब नोटबंदी के खिलाफ मुहिम छेड़ी तो बिहार में ब्रजेश पांडेय को ही प्रमुख बनाया गया था. पांडेय पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं.

तो भाई रवीश कुमार अगली बार आप प्राइम टाइम पर टीवी स्क्रीन काली करके कब आ रहे हैं, जरा बता दीजियेगा… आपका ये एपिसोड जरूर देखूँगा.

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