यूपीए दौर के एक और CBI डायरेक्टर पर कानूनी शिकंजा, रंजीत सिन्हा के बाद एपी सिंह फंसे

नई दिल्ली. कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के कार्यकाल में नियुक्त एक और सीबीआई डायरेक्टर भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए हैं.

कोयला घोटाले के आरोपियों से सांठगांठ के आरोपी पूर्व सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा के बाद सीबीआई के एक और पूर्व डायरेक्टर एपी सिंह के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

एपी सिंह पर मांस निर्यातक मोइन कुरैशी के साथ मिलकर आरोपियों की मदद करने का आरोप है. इस मामले में एजेंसी ने एपी सिंह और मोइन कुरैशी समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापे भी मारे हैं.

इसके पहले सुप्रीम कोर्ट सीबीआई को मनमोहन सरकार के दौरान सीबीआई निदेशक रहे रंजीत सिन्हा के खिलाफ जांच का आदेश दे चुका है. उन पर कोयला घोटाले के आरोपियों से मिलीभगत का आरोप है.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मोइन कुरैशी और एपी सिंह के बीच सांठगांठ के साक्ष्य के तौर पर ब्लैकबेरी मैसेज दिया था. ईडी को मोइन कुरैशी के साथ एपी सिंह की बातचीत के कुल 25 ब्लैकबेरी संदेश मिले थे.

इनमें से तीन संदेश उस समय के हैं, जब एपी सिंह सीबीआई निदेशक थे. सीबीआई को आशंका है कि कई मामलों में कुरैशी से मिलकर एपी सिंह ने आरोपियों की मदद की होगी. अब उनकी जांच की जा रही है.

सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि लगभग दो महीने पहले ईडी ने कुरैशी के साथ अफसरों की मिलीभगत की जांच के लिए कहा था. प्रवर्तन निदेशालय ने जिन अफसरों पर संदेह जताते हुए जांच के लिए कहा, उनमें रंजीत सिन्हा और एपी सिंह का नाम भी शामिल था.

इसके आधार पर मोइन कुरैशी, एपी सिंह और हैदराबाद के उद्योगपति प्रदीप कोनेरू समेत अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. एफआईआर में रंजीत सिन्हा का नाम फिलहाल शामिल नहीं है. अभी रंजीत सिन्हा के साथ कुरैशी की मिलीभगत की जांच की जा रही है.

तीन अक्टूबर, 2012 को मोइन कुरैशी ने ब्लैकबेरी मैसेंजर से संदेश भेजा- “सर, पिछली रात को प्रतिवेदन मैंने आपको दिया था. कृपया बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन टीएस रामास्वामी की मदद करें, जिनके साथ 30 सालों से मेरी पारिवारिक जान-पहचान है. बाकी को मैं नहीं जानता. सादर धन्यवाद.”

इसके सात घंटे बाद सिंह ने जवाब दिया- “चेक कर लिया, पहले ही चार्जशीट हो चुकी है. अब उसे राहत के लिए अदालत जाना होगा.” इस जानकारी के लिए कुरैशी ने ए पी सिंह को धन्यवाद दिया.

उल्लेखनीय है कि मोइन कुरैशी के खिलाफ पहले ही आयकर विभाग और ईडी की जांच चल रही है. ईडी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जांच कर रहा है. इसी सिलसिले में कुरैशी के ब्लैकबेरी मैसेंजर से एपी सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ आपराधिक मिलीभगत के साक्ष्य मिले थे.

सबूत की तलाश में सीबीआई की टीम ने दिल्ली, हैदराबाद, गाजियाबाद और चेन्नई में विभिन्न ठिकानों पर छापे मारे. इनमें एपी सिंह का आवास भी शामिल है. यह पहला मामला होगा, जब सीबीआई ने अपने ही पूर्व निदेशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर छापा मारा होगा.

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