हमारे पास भाग कर जाने को कोई भूमि नहीं, सो अनिवार्य है संघर्ष

कल इन बॉक्स में एक मैसेज आया… मेरे एक भूतपूर्व सहकर्मी, 1994 के… हाल ही में मुझे फेसबुक पर ढूंढा. चकित और दुखी हुए कि “मुझे पता ही नहीं था कि जिसे मैं एक प्रबुद्ध व्यक्ति मानता था, उसके अंदर एक इतना कम्यूनल फेनाटिक छुपा होगा।” वैसे उनकी तरफ से कोई अन्य बात नहीं थी, … Continue reading हमारे पास भाग कर जाने को कोई भूमि नहीं, सो अनिवार्य है संघर्ष