ZEALANDIA : समुद्र के भीतर डूबा हुआ मिला एक और भारत

अभी तक भूगोल की किताबो में स्कूली बच्चों को सिखाया जाता है कि हमारी पृथ्वी पर कुल सात महाद्वीप हैं. इनके नाम क्रमश: एन्ट्रार्टिका, अफ्रीका, एशिया, आस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी और दक्षिक्षी अमेरिका.

अब इन किताबों में संशोधन करना होगा क्योंकि अब धरती पर सात नहीं अपितु  “आठ” महाद्वीपों का अस्तित्व प्रमाणित हो चुका है.  इस नए आठवें महाद्वीप का नाम इन्डिया और न्यूझीलैण्ड को मिलाकर “झीलेन्ड़िया” रखा गया है.

वैज्ञानिकों ने विगत दस वर्षों से उपग्रहों की मदद से और समुद्र के भीतर छुपी हुई जमीन की चट्टानों को खोदकर उनका व्यापक  परीक्षण किया है.  शोध कार्यों से पता चला कि इस नये महाद्वीप और भारत प्रायद्वीप की संरचना हूबहू एक जैसी है.

जिस तरह बीस करोड़ साल पहले  “गौंड़वाना” कही जाने वाली संरचना के अनुसार भारत भूमि का निर्माण हुआ था. ठीक उसी तरह की संरचना झीलेन्ड़िया की पाई गई है. इस नए महाद्वीप का क्षेत्रफल 49 लाख वर्ग किलोमीटर है.

अर्थात 18 लाख 90 हजार वर्ग मील जो कि भारत के पूरे क्षेत्रफल से थोड़ा ज्यादा है. पर इस नए महाद्वीप का 95% भाग समुद्र में डूबा हुआ है. इस महाद्वीप की चट्टानें भी भारत में पाई जाने वाली तीन तरह की प्रमुख चट्टानें हैं.  इगनीशियस चट्टान जो कि ज्वालामुखी के फूटने से बनती हैं, दूसरी मेटाफार्मिक चट्टानें हैं जोकि अधिक दाब और तापमान से बनती हैं, तीसरी किस्म की चट्टानें सेडीमेन्टरी पाई गई हैं जोकि स्खलन के कारण बनती हैं.

झीलेन्डिया और भारत की भूगर्भीय संरचना एक जैसी होने की वजह से वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस पूरे महाद्वीप में विपुल मात्रा में कोयला, तेल और बहुमूल्य खनिज पदार्थ मौजूद हैं. इस कारण समुद्र में डूबा यह नया भारत आर्थिक और भू-राजनैतिक स्तर पर दुनिया के सभी सम्पन्न देशों की नजरों में लुभाने वाला सिद्ध हो जाएगा.

Reference -:- http://www.geosociety.org/gsatoday/archive/27/3/pdf/GSATG321A.1.pdf

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