मानसिक दिवालिए कांग्रेसी : गैंग रेप के खिलाफ प्रदर्शन करने पीएम की मां के घर पहुंचे

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कांग्रेस 2002 से मोदी जी को निशाना बना रही है. 2002 के गुजरात दंगों के लिए मोदी जी को दोषी बताया जाता है.

कांग्रेस के प्रवक्ता श्री मनीष तिवारी एक दिन टीवी पर मोदी जी को आदमखोर पिरान्हा (Piranha) बता रहे थे.

पिरान्हा एक मांसाहारी मछली होती है जो अपने शिकार को दो मिनट में नोच के खा जाती है.

डिस्कवरी चैनल पर मैंने एक कार्यक्रम में देखा था कि पिरान्हा मछलियों से भरी एक नदी में शोधकर्ताओं ने एक हिरण का शव सिर्फ एक मिनट के लिए लटकाया. एक मिनट बाद सिर्फ हड्डियां बची थीं.

ऐसी खतरनाक मछली होती है.

ये मनीष तिवारी जी हमारे लुधियाना से सांसद थे यूपीए-2 में.

एक दिन मुझे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पे भेंटा गए.

शताब्दी से लुधियाना जा रहे थे. निपट अकेले…. साथ में सिर्फ एक गनमैन टाइप कारिंदा था.

मैंने बड़े प्रेम से दुआ सलाम की…. झुक के सलाम बजाया…. बड़े खुश हुए. तपाक से मिले…. दांत चियार के….

फिर मैंने कहा, आपने वो पिरान्हा मछली वाली उपमा बहुत सही दी मोदी के लिए.

मंद-मंद मुस्कुराने लगे.

फिर मैंने पूछा…. सर, गुजरात का पिरान्हा तो मोदी था. 84 में दिल्ली की पिरान्हा कौन था?

1947 से ले के आज तक हज़ारों दंगे हुए देश में…. हर दंगे की पिरान्हा खोजनी चाहिए हमें.

कांग्रेस और सेक्युलर विपक्ष 2002 से ही मोदी के खिलाफ मुद्दे खोजने की असफल कोशिश करता आया है. मोदी के खिलाफ हमेशा अनर्गल दुष्प्रचार ही हुआ.

उनके खिलाफ कोई तथ्यपरक मुद्दा, जो तर्क की कसौटी पे खरा उतरे, आज तक न खोज पाया विपक्ष.

कभी उनकी पत्नी जशोदा बेन को निशाना बनाया गया तो कभी उनके सूट-बूट पे तंज कसे गए.

अब ताज़ातरीन मामले में गुजरात में उनकी 93 वर्षीय माँ के घर के सामने कांग्रेसी पहुँच गए, प्रदर्शन करने, ज्ञापन देने…. प्रशासन को बिना किसी पूर्व सूचना के.

मामला ये है कि गुजरात की एक सेक्स वर्कर को अचानक ये इल्हाम हुआ कि उसका तो यौन शोषण हो रहा है.

और ये तमाम लोग जो आज तक उसके साथ gang bang और orgies कर रहे थे दरअसल सेक्स रैकेटियर्स हैं…. चलो देर आये दुरुस्त आये….

सो मोहतरमा थाने पहुंच गयी और उन तमाम लोगों के खिलाफ gang rape का मुक़द्दमा लिखा दिया.

अब अगला इलहाम गुजरात के कांग्रेसियों को हुआ.

उनको समझ आया कि गुजरात की महिलाओं को इस gang rape से कोई बचा सकता है तो वो हैं 93 वर्षीय हीरा बेन.

अगर बचा सकती थीं तो क्यों नहीं बचाया?

हाय हाय…. इस्तीफ़ा दो….

इतनी लापरवाही? इतना गैर जिम्मेदाराना व्यवहार? मने कोई accountability है ही नहीं….

जिसका बेटा PM हो उसको इतनी जिम्मेवारी तो लेनी ही पड़ेगी…. हीरा बेन इस्तीफा दो…..

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