एक हफ़्ते में शहाबुद्दीन को भेजो तिहाड़, सुप्रीम कोर्ट का बिहार सरकार को आदेश

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को आदेश दिया कि एक सप्ताह के अंदर कुख्यात माफिया डॉन मोहम्मद शहाबुद्दीन को सिवान जेल से तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया जाए.

चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव के ख़ास साथी शहाबुद्दीन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को आदेश दिया कि वह शहाबुद्दीन के खिलाफ सभी मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से कराने की व्यवस्था करे.

उल्लेखनीय है कि बिहार के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में उनकी पत्नी आशा रंजन और अपने तीन बेटों को खो चुके चंदाबाबू ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर शहाबुद्दीन को बिहार से बाहर शिफ्ट किए जाने की मांग की थी. ताकि वह बिहार में उनके खिलाफ चले रहे मामलों को प्रभावित न कर सके.

पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के सभी केस बिहार में ही चलेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष ट्रायल कराना कोर्ट की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने अपने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि बिहार से दिल्ली लाते वक्त शहाबुद्दीन को कोई विशेष सुविधा न दी जाए.

यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट को आदेश दिया है कि वह शहाबुद्दीन से सम्बंधित लंबित मामलों का निपटारा अगले चार माह के भीतर करे.

गत वर्ष 7 सितंबर को शहाबुद्दीन को जमानत मिल गई थी. वह 9 सितंबर को जेल से बाहर आ गए थे. लेकिन जमानत रद्द हो जाने की वजह से उन्हें 30 सितंबर को वापस जेल जाना पड़ा था.

कोर्ट ने आशा रंजन और चंदाबाबू की याचिकाओं को एक कर दिया था और बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शहाबुद्दीन को सिवान जेल से तिहाड़ जेल भेजने का फरमान सुना दिया.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के पुत्र और बिहार सरकार के मंत्री तेज प्रताप यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश देने संबंधी मामले में सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की है.

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