आप-हम किस मुँह से नई पीढ़ी के पुस्तकों से दूर होने का रोना रोते हैं?

स्वामी ध्यान विनय से आप कोई भी प्रश्न करो, चाहे राजनीति से सम्बंधित हो, हिन्दू सनातन धर्म से सम्बंधित, अध्यात्म, पुनर्जन्म, कर्मकाण्ड, वामपंथ… उनका एक ही जवाब होता है… “You should read Guru Datt…” मैंने भी सोचा पढ़ ही लिया जाए… कुछ पढ़ी भी… लेकिन एक बात अनुभव हुई पढ़ते समय आधी ऊर्जा हाथ में … Continue reading आप-हम किस मुँह से नई पीढ़ी के पुस्तकों से दूर होने का रोना रोते हैं?