सीएम पद की दौड़ में मज़बूत होते जा रहे पन्नीरसेलवम, शशिकला को विधायकों का भरोसा

चेन्नई. अपने कथित समर्थक विधायकों को एक रिजॉर्ट में रखी हुईं AIADMK की महासचिव और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की तलबगार शशिकला की स्थिति रविवार को कुछ और कमज़ोर हुई.

पार्टी के कुछ और बड़े नेता मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम खेमे में शामिल हो गए जिससे पन्नीरसेल्वम के दावे को और मजबूती मिल गई है. इस बीच शशिकला ने विधायकों से मुलाकात कर अगली रणनीति पर चर्चा की.

शशिकला ने महाबलिपुरम के नजदीक गोल्डन बे बीच रिजॉर्ट पहुंचकर विधायकों से मुलाकात की. इसी रिजॉर्ट में AIADMK के विधायक ठहरे हुए हैं.

वहीं ओ पनीरसेल्वम को पांच और सांसदों का समर्थन मिल जाने पर उनके खेमे को मजबूती मिली है. अब उनके समर्थन में आए सांसदों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है.

पार्टी के चार लोकसभा सांसदों- जयसिंह त्यागराज नटर्जी (तूतिकोरिन), सेंगूट्टूवन (वेल्लोर), आर पी मरूथाराजा (पेरंबलूर) और एस राजेंद्रन (विल्लूपुरम) ने आज सुबह पनीरसेल्वम से उनके ग्रीनवेज रोड स्थित आवास पर मुलाकात की.

राज्यसभा के सांसद आर लक्ष्मणन ने भी पनीरसेल्वम के खेमे में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री का मनोबल बढ़ाया था. पनीरसेल्वम ने अन्नाद्रमुक की महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया है.

उम्मीद लगाई जा रही है कि शशिकला राजभवन में अपने समर्थक विधायकों का परेड करा सकती है. रिजॉर्ट के बाहर सुरक्षा बेहद कड़ी है और बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात हैं. राजभवन के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

अन्नाद्रमुक के 37 लोकसभा सांसद और 13 राज्यसभा सांसद हैं. इसी बीच, शशिकला ने लक्ष्मणन को विल्लापुरम (उत्तर) के जिला सचिव पद से ‘हटा’ दिया और उनके स्थान पर कानून मंत्री सी वी शानमुगम को जगह दी.

पनीरसेल्वम की बगावत के बाद राज्यसभा में अन्नाद्रमुक के सांसद वी मैत्रेयन उन्हें समर्थन देने वाले पहले सांसद थे. अन्नाद्रमुक के चार लोकसभा सांसदों- पी आर सुंदरम, के अशोक कुमार, वी सत्यभामा और वनरोजा पहले ही मुख्यमंत्री को समर्थन देने का वादा करके उनके खेमे में आ गए थे.

इस समय पनीरसेल्वम के पास उनके समेत अन्नाद्रमुक के छह विधायकों का भी समर्थन है. तमिलनाडु की 235 सदस्यीय विधानसभा में अन्नाद्रमुक के 135 विधायक हैं. पूर्व विधायक बादेर सईद और मुतुसेल्वी ने भी आज पनीरसेल्वम को अपना समर्थन दिया.

इसी बीच, अभिनेताओं और स्टार प्रचारकों ने पनीरसेल्वम को अपना समर्थन दे दिया. इनमें जयललिता के वफादार रामराजन, थियागू, अभिनेता-निर्देशक एवं पूर्व विधायक अरूणपांडियन भी शामिल हैं. इन लोगों ने पनीरसेल्वम से उनके आवास पर मुलाकात की और उनके प्रति एकजुटता दिखाई.

अभिनेता रामराजन ने कहा कि हालांकि पनीरसेल्वम को प्यार से ‘ओपीएस’ कहा जाता है, जिसका अर्थ ‘ओविल्लामल पोरूप्पागा सेवई सेईबवर’ भी है, जिसका अर्थ एक ऐसा व्यक्ति है, जो लोगों के कल्याण के लिए बिना थके काम करता है.

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