माँ की रसोई से : थाइरोइड को संतुलित रखने के लिए खाइए ये मुखवास

Ma Ki Rasoi Se Mouth Freshner Ma Jivan Shaifaly

कहते हैं थाइरोइड की बीमारी महिलाओं में अधिक होती है इसलिए वो बहुत जल्दी अवसाद और मोटापे से घिर जाती है. मुझे इसका उलटा कारण नज़र आता है. अपने खानपान की अनियमितता, घर का बचा हुआ बासी खाने की आदत के कारण हार्मोनल बदलाव से जल्दी प्रभावित होती है.

यूं तो आप सामान्य व्यक्ति का भी थाइरोइड नियमित रूप से जांचेंगे तो खानपान, कार्यशैली और मौसमी बदलाव के कारण थाइरोइड कम ज्यादा ही निकलेगा लेकिन शरीर इसको अपने अनुसार संतुलित करता रहता है.

खैर कारण जो भी हो यदि आपका थाइरोइड बढ़ा हुआ है तो मैं आज आपको एक विशेष तरह का मुखवास बनाना सिखाती हूँ जिसके खाने से थाइरोइड संतुलन में लाभ मिलेगा. साथ ही ये ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल को भी नियंत्रण में रखेगा. अतिरिक्त वसा के कम होने से मोटापे से भी निजात मिलेगी.

सबसे पहले आपको अलसी, सौंफ और तिल बराबर मात्रा में लेना है.
इन तीनों को मिलाकर रख लीजिये.

अब मुखवास में डालने के लिए काला नमक लीजिये उस पर पानी के छींटे मारकर उस गीले नमक को इस मिक्सचर पर अच्छे से लपेट दीजिये.

अब इसे आधे घंटे के लिए छोड़ दीजिये ताकि अलसी तिल और सौंफ नमक को अच्छे से सोख ले. चाहें तो थोड़ी सी हल्दी भी मिला सकते हैं.

इसे कुछ देर धूप में सुखाने के बाद धीमे आंच पर तब तक सेकिये जब तक कुरकुरा न हो जाए.

चाहे तो अतिरिक्त नमक छानकर निकाल दीजिये.

इसमें आप सुवा, धना दाल, अजवाइन और खसखस भी भूँजकर डाल सकते हैं.

अब इसे खाने के बाद या कभी भी मन हो एक एक चम्मच खाइए.

आपका थाइरोइड हमेशा संतुलित रहेगा और खाना भी जल्दी पचेगा.

वास्तव में ये जो अपाच्य पदार्थ हमलोग ग्रहण करते हैं, जो शरीर कई कई दिनों तक पचा नहीं पाता इस वजह से भी शरीर का हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है.

हल्का सुपाच्य भोजन खाइए, बादी वाली चीज़ें, बैंगन, आलू, चावल, गोभी, पत्तागोभी का उपयोग ना ही करें तो बेहतर है.

और सबसे अच्छा लौकी या करेले का ज्यूस पीजिये और सारी बीमारियों से मुक्ति पाइए.

आपको बना हुआ चाहिए तो इस whatsapp नंबर पर सन्देश भेजें

माँ जीवन शैफाली – 9109283508

ये मुखवास भी मेरी वलसाड (गुजरात) यात्रा की उपलब्धि है.

गुजरात यात्रा पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर जाएं

यात्रा आनंद मठ की – 1 : पांच का सिक्का और आधा दीनार

यात्रा आनंद मठ की – 2 : जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी

यात्रा आनंद मठ की – 3 : यात्रा जारी है

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