आयुर्वेद आशीर्वाद : थाइरोइड की कमी के लिए कारगर उपाय

थाइरोइड दो तरह का होता है. एक में आपका थाइरोइड बढ़ता है दूसरे में कम होता है.

बढ़े हुए थाइरोइड के लिए इस लिंक में दिए अनुसार अलसी का प्रोग करें.
थाइरोइड कम बंटा हो तो उसके लिए नीचे दी गयी विधि का उपयोग करें.

1. अखरोट और बादाम का सेवन करें.

2. थॉयराइड ग्रंथि की समस्या होने पर नमक का सेवन बढ़ा देना चाहिए, इसके अलावा स्वस्थ खानपान और नियमित रूप से व्यायाम को अपनी दिनचर्या बनायें.

3. थाइरॉइड के लिए हरे पत्ते वाले धनिये की ताजा चटनी बना कर एक बडा चम्मच एक गिलास पानी में घोल कर रोज़ पीएं.

4. उज्जायी प्राणायाम : पद्मासन या सुखासन में बैठकर आँखें बंद कर लें. अपनी जिह्वा को तालू से सटा दें अब कंठ से श्वास को इस प्रकार खींचे कि गले से ध्वनि व् कम्पन उत्पन्न होने लगे. इस प्राणायाम को दस से बढाकर बीस बार तक प्रतिदिन करें. प्राणायाम प्रातः नित्यकर्म से निवृत्त होकर खाली पेट करें.

5. एक्युप्रेशर चिकित्सा के अनुसार थायरायड व् पैराथायरायड के प्रतिबिम्ब केंद्र दोनों हाथो एवं पैरों के अंगूठे के बिलकुल नीचे व अंगूठे की जड़ के नीचे ऊँचे उठे हुए भाग में स्थित हैं. थायरायड के अल्पस्राव की अवस्था में इन केन्द्रों पर घडी की सुई की दिशा में अर्थात बाएं से दायें प्रेशर दें तथा अतिस्राव की स्थिति में प्रेशर दायें से बाएं [घड़ी की सुई की उलटी दिशा में] देना चाहिए.
इसके साथ ही पियुष ग्रंथि के भी प्रतिबिम्ब केन्द्रों पर भी प्रेशर देना चाहिए. प्रत्येक केंद्र पर एक से तीन मिनट तक प्रतिदिन दो बार प्रेशर दें. पियुष ग्रंथि के केंद्र पर पम्पिंग मैथेड [पम्प की तरह दो-तीन सेकेण्ड के लिए दबाएँ फिर एक दो सेकेण्ड के लिए ढीला छोड़ दें] से प्रेशर देना चाहिए

6. आँवला चूर्ण और शहद : सुबह उठते ही खाली पेट एक चम्मच शहद (ऑर्गेनिक शहद) में 10-15 ग्राम आंवला चूर्ण को मिक्स कर ऊँगली से चाटें. यही प्रक्रिया रात को खाना खाने के 2 घंटे बाद या सोते वक़्त दोहराये, परिणाम आपके सामने होगा बेहद आसान उपाय है लेकिन अचूक कारगर है.

7. अश्वगंधा : अश्वगंधा सबसे चमत्कारी दवा के रूप में कार्य करता है. अश्वगंधा का सेवन करने से थाइरॉइड की अनियमितता पर नियंत्रण होता है. अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में भरपूर ऊर्जा बनी रहती है साथ ही कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है.

8. समुद्री घास : समुद्री घास भी थाइरॉइड ग्रंथि को नियमित बनाने के लिए एक रामबाण दवा की तरह काम करती है. समुद्री घास के सेवन से शरीर को मिनरल्स व आयोडिन मिलता है. इसीलिए समुद्री घास का सेवन इस बीमारी में लाभदायक है. इसके अलावा इससे मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट स्किन को जवान बनाएं रखते हैं.

9. 40 ग्राम हरे ताज़े अखरोट को पिन से छेदकर कांच के जार में भरे 1 किलो शहद में डाल दें. अब इसे 40 दिन तक धूप में रखें. अब इसे छानकर रोज़ एक चौथाई कप शहद सुबह खाली पेट लें.

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