मन न रंगाए, रंगाए जोगी कपड़ा : ईश्वर की इच्छा से ही प्रकट होते हैं गुरु, अवतरित होता है संन्यास

मैं मंत्रबिद्ध सी डॉ नरेन्द्र कोहली द्वारा भेजी गयी मेल पढ़ रही थी.. पिछले इतने वर्षों की एक-एक बात को स्मरण करती हूँ, तो बहुत कुछ उभरकर आता है. बीoएo में मोतीलाल नेहरू कॉलेज में मैंने प्रवेश लिया था. डॉ कोहली वहां लेक्चरर थे और बहुत सजग साहित्कार के रूप में माने जाते थे! उनका … Continue reading मन न रंगाए, रंगाए जोगी कपड़ा : ईश्वर की इच्छा से ही प्रकट होते हैं गुरु, अवतरित होता है संन्यास