‘नोटबंदी के असर के बावजूद अगले साल 7 प्रतिशत से अधिक रहेगी जीडीपी वृद्धि’

नई दिल्ली. नोटबंदी के दौरान पुराने नोटों की वापसी और नये नोटों को चलन में लाने की बदलाव की अवधि का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है लेकिन यह प्रभाव अगले वित्त वर्ष तक नहीं खिंचेगा. यह मानना है वित्त मंत्रालय का.

वित्त मंत्रालय ने विश्वास जताया है कि अगले वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात प्रतिशत से अधिक रहेगी.

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने आज यह विश्वास व्यक्त करते हुये कहा, ‘इस साल की जीडीपी वृद्धि दर जानने के लिये हमें मार्च अंत तक प्रतीक्षा करनी होगी, लेकिन अगले वित्त वर्ष में यह 7 प्रतिशत से अधिक होगी.’

वित्त मंत्री अरूण जेटली के बजट भाषण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी के दौरान पुराने नोटों की वापसी और नये नोटों को चलन में लाने की बदलाव की अवधि का असर पड़ सकता है लेकिन यह प्रभाव अगले वित्त वर्ष तक नहीं खिंचेगा.

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा अब डिजिटल लेनदेन की तरफ बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है. अर्थव्यवस्था में न केवल गतिविधियां जारी हैं बल्कि यह बेहतर बनीं हुई है. आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बनाये रखने के लिये हम प्रतिबद्ध हैं.

दास ने बजट में किये गये विभिन्न सुधार उपायों को गिनाते हुये जिंस बाजार में वायदा एवं विकल्प बाजार को हाजिर बाजार के साथ जोड़ने से किसानों को हुये लाभ के बारे में बताया. उन्होंने बजट में की गई अनुबंधित खेती और यूजीसी से सबंधित घोषणाओं को सुधारों को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया.

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