कच्ची हल्दी की सब्ज़ी : सर्दियों के लिए गुणकारी और कई रोगों की औषधि

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सामग्री

कच्ची हल्दी – 250 ग्राम
देसी घी- 300 ग्राम
उबले हरे मटर – लगभग एक कटोरी
बारीक कटी हरी मिर्च – 5 या 6
लहसुन का पेस्ट – एक टी स्पून
अदरक का पेस्ट – एक टी स्पून
3 बड़ी इलाइची
10-15 काली मिर्च
बारीक कटे प्याज़ – 2
बारीक कटे टमाटर – 4 या 5
सुखा धनिया पाउडर – 2 चम्मच
थोड़ी सी लाल मिर्च – जितना आपको तीखा चाहिए
नमक – स्वादानुसार
बारीक़ कटा हरा धनिया

विधि

कच्ची हल्दी को साफ़ कर के धोएं और सुखाएं.

जब बिलकुल सूख जाए तब उसे छिलें.

छिलने के बाद मिक्सी में उसको बारीक पीस लें.

कड़ाही में घी गर्म करें सारा घी डाल दें, याद रहे जितनी मात्रा हल्दी की ली है उतना ही घी होना चाहिए उस से अधिक ही चलेगा कम नहीं.

घी गर्म होने के बाद पीसी हल्दी डाल दें और उसे भूने लगातार हिलाते रहें कड़ाही में नीचे लगे नहीं. तब तक जब तक हल्दी भून कर दानेदार न हो जाए और उसमें से खुशबू न आने लगे भुनते रहें.

इस प्रक्रिया में लगभग आधा घण्टा लग जाता है हल्दी  भून जाने के बाद घी छोड़ देगी. अब कड़ाही चूल्हे से उतार ले हल्दी अलग कर दे और ऊपर आया घी अलग.

अब इसी घी में जीरा डालें कुटी काली मिर्च और पीसी बड़ी इलाइची डालें. हरी मिर्च अदरक लहसुन का पेस्ट डालें और भूने जब भून जाए  तब बारीक प्याज़ डाल कर भूने.

प्याज़ भून कर भूरी हो जाएँ तब धनिया पाउडर, लाल मिर्च, नमक डालें मिलाएं और टमाटर डालें.

इस मसाले को अच्छी  तरह भून लें जब पेस्ट घी छोड़ने लगे भुनी हल्दी और हरे मटर डालें.

कुछ देर धीमी आंच पर सब मसालों को एक साथ मिक्स होने दें तीन चार मिनट धीमी आंच पर रख गैस बन्द कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालें. और पूरी या पराठों या रोटी के साथ सर्व करें.

सर्दियों में गर्म और गुणकारी सब्ज़ी कच्ची हल्दी कई रोगो का इलाज है. खाएं और बना कर खिलाएं.

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