यात्रा आनंद मठ की – 2 : जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी

पता नहीं कोई करता है या नहीं लेकिन मेरे हाथ में जब भी कोई नई पुस्तक या डायरी आती है तो मैं उसे सबसे पहले सूंघकर देखती हूँ… नई किताब की खुशबू मुझे बहुत पसंद है…. सबसे पहले जिस किताब को सूंघकर देखा था तो वो थी स्कूल के लिए सरकारी दुकानों से खरीदी हुई … Continue reading यात्रा आनंद मठ की – 2 : जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी