पाकिस्तानियों को भी अमेरिका में घुसने से रोक सकते हैं ट्रंप!

वाशिंगटन. व्हाइट हाउस ने ऐसे संकेत दिए हैं जिससे ज़ाहिर होता है कि पाकिस्तान को उन मुस्लिम बहुसंख्यक देशों की सूची में शामिल किया जा सकता है जहां से लोगों के अमेरिका आने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिबंध लगा दिया है.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों राष्ट्रपति ट्रंप ने 7 मुस्लिम बहुल देशों के लोगों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे. इन देशों में इराक, सीरिया, सूडान, ईरान, सोमालिया, लीबिया और यमन शामिल हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मीडिया के संबंधों पर जार्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में चर्चा के लिए आए व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने उस समय यह संकेत दिया जब उनसे पूछा गया कि ‘पाकिस्तान क्यों नहीं?’ इस पर स्पाइसर ने कहा, ‘संभवत: हम करेंगे.’

इससे पहले व्हाइट हाउस के चीफ आफ स्टाफ रींस प्रीबस ने भी कहा था कि पाकिस्तान को भी उन मुस्लिम बहुल देशों की सूची में शामिल किया जा सकता है जहां से लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रतिबंध लगा दिया है.

पिछले कुछ दिन से व्हाइट हाउस के अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि इस सूची में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सउदी अरब जैसे देशों के नाम क्यों शामिल नहीं हैं. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने संकेत दिया कि पाकिस्तान इस सूची का हिस्सा हो सकता है.

स्पाइसर ने कहा, संभवत: हम ऐसा करेंगे. हमने उन सात देशों से शुरू किया है जिनकी पहले पहचान की जा चुकी है. 90 दिन की समीक्षा अवधि रहेगी. इस 90 दिन की समीक्षा अवधि के दौरान हमें कुछ और देश मिल सकते हैं या हम किसी को हटा सकते हैं या ऐसा ही कुछ भी, लेकिन यह एक समीक्षा प्रक्रिया है.

उन्होंने कहा, हमारी सबसे पहली प्राथमिकता एक सरकार के रूप में उन 32 करोड़ 40 लाख लोगों की सुरक्षा करना है जो इस देश में रहते हैं इसलिए मैं समझ सकता हूं कि लोगों को इस देश में आते हुए थोड़ा परेशानी हो, लेकिन यह हमारा राष्ट्र है. हमारी पहली और शीर्ष प्राथमिकता हमारे लोग हैं.

स्पाइसर ने कहा, यदि लोग इस देश में आना चाहते हैं और यात्रा या पढ़ाई करना चाहते हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं. हमारे देश ने हमेशा लोगों का स्वागत किया है, लेकिन यह सोचना कि हमें दरवाजे खोल देने चाहिए और लोगों को बिना रोक टोक के आने देना चाहिए यह हास्यास्पद है.

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