हबीब की बात मानो भंसाली, और खिलजी की समलैंगिकता पर फिल्म बनाओ, पद्मावती तो काल्पनिक है!

“रानी पद्मावती एक काल्पनिक चरित्र हैं” तथाकथित इतिहासकार एस इरफ़ान हबीब का यह कहना बिलकुल सही है, इसे मान लेने में मुझे अब कोई हर्ज नहीं दिखता.

हबीब कैसे सही कह रहे हैं इसे ठीक संदर्भ में देखिये, आप भी सहमत होंगे कि इस वामपंथी इतिहासकार ने दुरुस्त बात कही है.

वस्सफ अब्दल्लाह इब्न फदलल्लाह शरीफ अल-दिन शिराज़ी (14वीं शताब्दी के पर्शियन इतिहासकार) के मुताबिक अलाउद्दीन खिलजी एक होमो सेक्सुअल (समलैंगिक) था और उसके हरम में हजारों लड़के सेक्स स्लेव्स के तौर पर थे.

मलिक काफूर नामक उसके समलैंगिक प्रेमी का बाकायदा जिक्र भी आता है जबकि रानी पद्मावती से अनुराग का इतिहास में कोई जिक्र नहीं.

[भंसाली… दम है तो ‘कफूर-खिलजी : एक अमर प्रेम’ फिल्म बनाओ]

चूंकि भारतीय उपमहाद्वीप पर यह ऐतिहासिक तथ्य… 14वीं शताब्दी के किसी आरएसएस अथवा कट्टर हिंदू इतिहासकार ने नहीं लिखा तो यह मान लेना बनता है कि पर्शिया के इन इतिहासकार ने गलत नहीं लिखा होगा.

जब इरफ़ान हबीब यह कहते हैं कि रानी पद्मावती एक काल्पनिक चरित्र हैं, और रंगीन गिरोह उसका समर्थन करता है तो वह गलत कहाँ है?

ध्यान रखिए, पद्मावती जी काल्पनिक चरित्र हैं ऐसा उन्होंने इस खिलजी-पद्मावती प्रेमकथा वाली फिल्म के संदर्भ में कहा है. इस कहानी में वाकई पद्मावती एक काल्पनिक कैरेक्टर ही हैं.

दरअसल हम सबने संदर्भ सही से नहीं समझा.

हबीब अलाउद्दीन खिलजी के होमो सेक्सुअल होने की पर्शियन इतिहासकार की बात के आधार पर ही ऐसा कह रहे हैं.

अगर खिलजी एक होमोसेक्सुअल था, हजारों लौंडे उसके हरम में थे, मलिक काफूर उसका प्रेमी / प्रेमिका था : तो भला एक स्त्री रानी पद्मावती से उसका कोई संबंध कैसे संभव था ?

इरफ़ान हबीब असल में यही संदेश संजय भंसाली को देना चाह रहे थे कि भाई…. खिलजी पर पीरियड फिल्म बना रहे हो तो उसके प्रेम प्रसंगों का सही से फिल्मांकन करो.

स्क्रिप्ट में बदलाव कर खिलजी की हिरोइन गुलाम काफूर रखो, किसी हसीन और खूबसूरत से लौंडा कलाकार को कास्ट करो : और तब बनाओ अलाउद्दीन खिलजी की अमर प्रेम कथा.

भंसाली बाबू! इरफ़ान हबीब की बात मानो और खिलजी की दुरुस्त प्रेम कथा का इतिहास रखो देश के सामने : देश में अब 377 धारा के तहत होमोसेक्सुअल्टी वैध है, आज़ादी है, प्रगतिशीलता है.

सेंसर बोर्ड से अनुरोध : कृपया खिलजी-गुलाम काफूर लव स्टोरी पर बनी फिल्म को A सर्टिफिकेट न दिया जाय.

भारत सरकार से अनुरोध : कृपया इस मानव प्रेमी फिल्म को देश भर में टैक्स फ्री रखा जाय.

अंत में : शुक्रिया इरफ़ान हबीब, परसों आपका विरोध किया था उसके लिए सॉरी. सॉरी हबीबी गिरोह…

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