काला धन और आतंक को सरकार ने रोका : राष्ट्रपति, शुरू हुआ बजट सत्र

नई दिल्ली. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत में पहली बार बजट सत्र को समय से पहले आहूत करने और उसके साथ ही रेल बजट को विलय करने का उल्लेख करते हुए आज कहा कि लोकतंत्र के इस उत्सव के मूल्य एवं संस्कृति देश के लंबे इतिहास के हर दौर में फलते फूलते रहे हैं. उनके संबोधन की शुरूआत और समापन सबका साथ, सबका विकास उक्ति से हुई.

आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री जेटली आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगे और कल संसद में बजट पेश किया जाएगा.

बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अपने अभिभाषण की शुरूआत में राष्ट्रपति ने कहा, यह एक ऐतिहासिक संयुक्त सत्र है जिसमें स्वतंत्र भारत में पहली बार बजट सत्र के निर्धारित समय को इस वर्ष आगे किया गया और आम बजट के साथ रेल बजट का विलय किया जा रहा है.

राष्ट्रपति ने कहा, नोटबंदी से सरकार ने कालेधन के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ी और बैंकिंग से भी जनता को जोड़ने की कोशिश की. सरकार की हर योजना में गरीबों की बात की गई है.

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रायोजित आतंकवाद फैलाया गया जिससे 4 दशकों से देश आंतकवाद से जूझ रहा है. सेना ने सफलतापूर्व सर्जिकल स्ट्राइक और आंतकवाद का मुंहतोड़़ जवाब दिया है.

उन्होंने कहा, गरीबों के लिए जनधन योजना, ग्राम ज्योति योजना का ऐलान किया गया है. सरकार एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत विकास का काम कर रही है और एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत विकास के कार्य हो रहे हैं.

राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा, सरकार ने युवाओं की योग्यता बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए हैं और सरकार का 6 लाख दिव्यांगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है जो बहुत अच्छा कदम है. दिव्यांगों को बराबरी का लहक देना सरकार का लक्ष्य है और इसीलिए दिव्यागों का आरक्षण बढ़ाया गया है. पहली बार रेल बजट और आम बजट एक साथ पेश हो रहे हैं.

मुखर्जी ने कहा, हम एक ऐसे लोकतंत्र के उत्सव के लिए पुन: एकत्र हुए हैं जिसके मूल्य और संस्कृति इस देश के लंबे इतिहास के हर दौर में फलते फूलते रहे हैं. वास्तव में इसी संस्कृति ने मेरी सरकार को सबका साथ, सबका विकास की ओर प्रेरित किया.

राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण के अंत में कहा कि आज हम यहां एकत्रित हुए हैं कि हम अपने देशवासियों, विशेषकर गरीब नागरिकों द्वारा संसद जैसी पवित्र संस्था के प्रति दर्शाये गए विश्वास को बनाए रख सकें.

उन्होंने कहा, हमारा हर कदम लोकतंत्र के इस मंदिर में देश के निर्माण के लिए किये गए असंख्य बलिदानों की वेदी में आहूति होगी. हम सब मिलकर सबका साथ, सबका विकास की भावना से ओत प्रोत होकर ऐसे भविष्य का निर्माण करें जिससे सभी को संविधान में प्रदत्त समानता और गरिमा प्राप्त हो सके.

सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि आज से नई परंपरा की शुरूआत हो गई है. पीएम मोदी ने कहा कि उम्मीद है कि बजट सत्र जनहित के लिए हो. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बजट सत्र के लिए संसद पहुंचने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वागत किया.

संसद के दोनों सदनों को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगे. ये पहला मौका है जब राष्ट्रपति के अभिभाषण के तुरंत बाद ये दस्तावेज संसद के पटल पर रखा जाएगा.

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