सिर्फ सैफई, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा ही नहीं, हम भी उत्तर प्रदेश हैं

कल देश ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उलझते-गिरते-पड़ते विकास को बखूबी देखा, तो कुछ और तस्वीरों में विकास का नाचना, झूठा गाल बजाना भी देखिये.

पिछले दिनों आप सभी को एक्सप्रेस वे के नाम पर फर्जी और अधूरे उद्घाटन की सच्चाइयों से रूबरू कराया था.

[इस एक्सप्रेस वे पर तो सायकिल ही चलेगी या फिर लोकदल का हल चलाता किसान]

बिना चेतावनी, सूचना, गार्ड के बगैर अचानक डायवर्जन, वो भी कंक्रीट बोल्डरों के जरिये…. जिसकी वजह से 15 गाड़ियों की भिड़ंत का आँखों देखा हाल भी सुनाया था मौके से तस्वीरों के जरिये.

आपने तब जाना था आधे-अधूरे और फर्जी विकास का सच, अब विकास की नीयत देखिये.

गूगल मैप के तस्वीर के जरिये आप देख सकेंगे कि कैसे एक्सप्रेस गति से विकास करते उत्तर प्रदेश में एक बहुप्रचारित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे…. एक गांव के इर्द-गिर्द कमर मटकाने के लिए मजबूर है.

सूबे की राजधानी में घुटने टेकता, लाठियां लेकर रास्ता बनाता विकास : तो कहीं गणेश परिक्रमा मात्र के लिए, भू-माफियाओं, अवैध कब्जेधारियों और पारिवारिक विरासत को सीधे-सीधे लाभ पहुंचाने की गर्ज से कमर मटका कर…. एक्सप्रेस वे की दूरी बढ़ाता हुआ निजी स्वार्थ सिद्धि के नाच नाचता विकास.

यही है आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े और कई देशों से भी बड़े उत्तर प्रदेश के समावेशी विकास का सच.

सुना यूपी के विकास ने कहीं दावा किया कि उन्होंने 12 मेडिकल कालेज बनवाये.

तीसरी तस्वीर इस अफवाही और भ्रम फैलाने के साथ-साथ फर्जी क्रेडिट लेने के सच को सामने रखती है.

मंजूरी देने से लेकर मेडिकल कालेज बनवाने, उसमें कोर्सों, सीटों की मंजूरी और सभी सुविधाओं से लैस करने का काम अगर केंद्रीय सरकार नहीं करती है तो फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री प्रोजेक्ट के उद्घाटन में क्यों रहे? जमीन पर उतरते काम के समय अपने एक मंत्री की हाजिरी लगवा…. आप कहाँ थे?

पूर्वांचल के गोरखपुर एम्स की जमीन में शुरुआत से अड़ंगे लगाने के बाद…. महीने भर पहले जमीन केंद्र की इस योजना एम्स को ट्रांसफर करने वाले यूपी के तथाकथित विकास जी सूबे में मेडिकल कालेज बनवाने के आज दावे कर रहे हैं!

यूपी का पूर्वांचल आज इस सो-कॉल्ड स्वार्थी विकास से पूछ रहा है, साहेब! पूर्वांचल में सरकार का किया कोई एक मूलभूत विकास का काम बता दो? कोई बिजलीघर? कोई शुगर मिल? कोई बन्द शुगर मिल शुरू हुई हो? कोई बड़ी सड़क? कोई बड़ा पुल? कोई बड़ी इंडस्ट्री?

सिर्फ सैफई, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा ही नहीं, हम भी उत्तर प्रदेश हैं : यूँ विकास के झूठे नाच न दिखाओ साहिब.

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