सच्चे लोगों को ज़रूरत नहीं होती कुछ भी याद रखने की

कोई काम शुरू करने से पहले, स्वंय से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ? इसके परिणाम क्या हो सकते हैं? और क्या मैं सफल होऊंगा? और जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढें. – चाणक्य

फायदा कमाने के लिए न्योते की ज़रुरत नहीं होती.
धीरूभाई अंबानी

संसार एक कड़वा वृक्ष है, इसके दो फल ही अमृत जैसे मीठे होते हैं – एक मधुर वाणी और दूसरी सज्जनों की संगति.
चाणक्य

मैं अकेली हूँ, लेकिन फिर भी मैं हूँ. मैं सबकुछ नहीं कर सकती, लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूँ. और सिर्फ इसलिए कि मैं सब कुछ नहीं कर सकती, मैं वो करने से पीछे नहीं हटूंगी जो मैं कर सकती हूँ.
हेलेन केलर

क्रोध को पाले रखना, गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के सामान है; इसमें आप स्वंय ही जलते हैं.
बुद्ध

कभी भी दुष्ट लोगों की सक्रियता समाज को बर्वाद नहीं करती, बल्कि हमेशा अच्छे लोगों की निष्क्रियता समाज को बर्बाद करती है.
शिव खेड़ा

यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती.
मार्क ट्वैन

ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है.
स्वामी विवेकानंद

तुम फ़ुटबाल के जरिये स्वर्ग के ज्यादा निकट होगे बजाये गीता का अध्ययन करने के.
स्वामी विवेकानंद

मन की दुर्बलता से अधिक भयंकर और कोई पाप नहीं है.
स्वामी विवेकानंद

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