प्रशांत किशोर भूल गए कि सियासी दांवों के माहिर मुलायम के बेटे हैं अखिलेश

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लखनऊ. सीटों के बंटवारे पर सहमति न बन पाने के कारण अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन शनिवार को टूट गया.

इस गठबंधन के टूटने को कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के लिए बड़ा झटका मान जा रहा है. उप्र में कांग्रेस को जिताने का ठेका लेने वाले प्रशांत किशोर ने प्रदेश में कांग्रेस की ज़मीनी औकात देखने के बाद समाजवादी पार्टी से गठबंधन का दांव खेला था.

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक़ जब तक समाजवादी पार्टी के अखिलेश गुट को सायकिल चिह्न नहीं मिला था तब तक अखिलेश, कांग्रेस को 142 सीटें तक देने राजी थे.

जैसे ही चुनाव आयोग ने अखिलेश गुट को समाजवादी पार्टी की मान्यता देते हुए उसका चुनाव चिह्न बरकरार रखा, अखिलेश रंग बदलने लगे और पहले 125, फिर 110 और अंत में 100 सीट से भी कम पर उतर आये.

अब कांग्रेस को लग रहा है कि उसने प्रशांत किशोर की सलाह पर अखिलेश के झांसे में आकर गलती की. प्रशांत किशोर को भी यह याद रखना चाहिए था कि अखिलेश आखिर हैं तो मुलायम सिंह की ही संतान, जो हर सियासी दांवपेंच के माहिर है.

इससे पहले गठबंधन टूटने की खबर पर मुहर लगाते हुए सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा, ‘गठबंधन करीब-करीब टूट ही गया है. यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने कांग्रेस को 100 सीटों का ऑफर दिया था, लेकिन कांग्रेस 120 सीटों से नीचे मान ही नहीं रही थी.’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को ऐसा लग रहा था कि यूपी में उनका दबदबा है! इसके लिए पूरी तरह से कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराऊंगा. गठबंधन तोड़कर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को बल दिया है.’

साथ ही नरेश अग्रवाल ने कहा, ‘अखिलेश ने कांग्रेस को कहा था कि हमारे 234 तो विधायक हैं, जिन्हें टिकट देना है और बाकी लोगों को भी टिकट देना है. ऐसे में हम आपको 100 से ज्यादा सीटें नहीं दे सकते और हम 300 से कम सीटों पर नहीं लड़ सकते. लेकिन कांग्रेस पार्टी 120 सीटों पर ही अड़ी हुई थी.

पहले खबरें आ रही थीं कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस को केवल 80 से 85 सीटें देगी. लेकिन शनिवार को कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और अखिलेश के बीच बैठक हुई. लेकिन इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला.

वहीं इस मसाले पर हुई कांग्रेस की कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद फिल्म अभिनेता और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि कांग्रेस ने पहले दो चरणों के चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है.

कांग्रेस से यूपी के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस ने पहले दो चरणों को चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर लिए हैं. गठबंधन के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे में रविवार सुबह तक पता लग पाएगा.

गुलाम नबी के बयान से उम्मीद लगाई जा रही हैं कि गठबंधन को लेकर अभी दोनों पार्टियों में सौदेबाजी की गुंजाइश है. हालांकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमोय नंदा कह चुके हैं कि हम अपनी शर्तों पर ही गठबंधन करेंगे.

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