बिहार मानव श्रृंखला ने ली चार बच्चों की जान

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अतिमहत्वाकांक्षा ने आज चार बच्चों की जान ले ली जबकि पांच दर्जन से अधिक इलाजरत हैं. इनमें से कई की हालत गंभीर है.

शराबबंदी और नशाबंदी के समर्थन में राज्य में आज दुनिया की सबसे लंबी 11 हजार 292 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई. सरकार की तरफ से दावा किया गया है कि इस श्रृंखला में दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लेकर शराबबंदी के प्रति अपना समर्थन जताया. इस आयोजन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू यादव समेत राज्य मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों ने हिस्सा लिया. जदयू, राजद, कांग्रेस, भाजपा और लोजपा के नेता और कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए.

खबर है कि इस आयोजन की वजह से तीन बच्चों की मौत हो गई और 60 से ज्यादा बच्चे बेहोश हो गए.

पहली घटना छपरा के एकमा की है, जहां मानव श्रृंखला का हिस्सा बनकर लौट रही दो छात्राओं को अनियंत्रित बस ने अपनी चपेट में ले लिया. इसमें एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि दूसरी गंभीर रुप से घायल है. बताया जा रहा है कि ससाना की छात्राएं मानव श्रृंखला में हिस्सा लेकर एकमा से वापस लौट रही थीं तभी यह दुर्घटना हुई. मृतक छात्रा का नाम अनिता है, जबकि घायल छात्रा अंजली है. दोनों बेलौत हाई स्कूल की छात्रा बताई जा रही हैं.

दूसरी घटना गोपालगंज जिला के माझा थाना की है, जहां इमलिया की रहने वाली बच्ची मानव श्रृंखला में हिस्सा लेते हुए बेहोश हो गई. इसके बाद उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन उस दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक छात्रा गुड़िया कुमारी भटवलिया मध्य विद्यालय की छात्रा थी.

तीसरी घटना वैशाली की है जहाँ मानव श्रृंखला में भाग लेने जा रही एक बच्ची की मौत हो गई. कहा जा रहा है कि जब बच्ची मानव श्रृंखला के लिए जा रही थी उसी समय तेज गति से आ रही एक ट्रक ने उसे कुचल दिया जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि वो बच्ची मानव श्रृंखला में शामिल होने नहीं बल्कि कोचिंग में पढ़ने जा रही थी.

चौथी घटना सुपौल जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र की है जश ट्रेक्टर के पलट जाने से मानव श्रृंखला से भाग लेकर लौट रहे एक छात्र के मौत हो गयी जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए. मृतक छात्र का नाम सुंदर कुमार है जो उच्च विद्यालय तुलापट्टी का छात्र था.

वहीं, औरंगाबाद जिले के गोह थाना के मध्य विद्यालय डिहुरी के सात बच्चे मानव श्रृंखला में खड़े-खड़े बेहोश हो गए. इसके बाद बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

नालंदा में भी 15 बच्चे बीमार हो गए हैं. उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल सभी खतरे से बाहर बताएं जा रहे हैं.

गोपालगंज जिले में भी मानव श्रृंखला में शामिल 4 स्कूली बच्चे बेहोश हो गए. यह घटना नगर थाना के बंजारी चौक और हजियापुर चौक की है.

उधर, सासाराम में भी एक बच्ची बेहोश हो गई. मौके पर मौजूद लोगों ने उसे ठेले पर लादकर अस्पताल में भर्ती कराया.
वहीं, मुफ्फरपुर में लाइन में खड़े 6 बच्चे और समस्तीपुर में 8 बच्चे बेहोश हो गए. जबकि बेगूसराय में 25 बच्चे और दो महिलाएं बेहोश हो गईं.

एक अन्य घटना में पटना के दुल्हिन बाजार के काब पंचायत में स्कूल से मानव श्रृंखला में भाग लेने के लिए आते हुए एक ऑटो पलट गया जिसमें कई बच्चे घायल हो गए हैं. इन्हें इलाज के लिए स्थानीय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एसएसपी ने भी घटना की पुष्टि की है. घायल बच्चे सरकारी स्कूल के थे.
वहीं, मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड के पैना पंचायत में मानव श्रृंखला में भाग लेकर घर लौटने के दौरान ट्रैक्टर पलट गई जिसमें लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए. आनन फानन में घायल लोगों को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौसा ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने दो घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए भागलपुर रेफर कर दिया.

पटना उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के वाबजूद राज्य सरकार की लापरवाही सामने आ ही गई. हद है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जो इस मानव श्रृंखला को लेकर खुद अपनी पीठ थपथपा रहे हैं… फेसबुक पर फोटो पोस्ट किए जा रहे हैं… ट्वीट पर ट्वीट हो रहे हैं… लेकिन उसमें मरने वाले और घायलों के प्रति संवेदना के दो शब्द भी नहीं हैं. नीतिश बाबू आप की महत्वाकांक्षा ने आखिर चार परिवारों को ऐसा गम दिया जिसकी कोई भरपाई नहीं कर सकता…

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