जल्लीकट्टू के समर्थन में सदगुरु, श्रीश्री, रजनीकांत, उपवास पर रहमान, आज तमिलनाडु बंद

चेन्नई. जल्लीकट्टू पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के खिलाफ पिछले चार दिनों से जारी प्रदर्शन को भारी जनसमर्थन मिल रहा है. आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर, सदगुरु वासुदेव जग्गी और फिल्म स्टार कमल हासन ने जहां इस पर से प्रतिबंध हटाने की बात कही है, वहीं विश्वविख्यात संगीतकार ए आर रहमान शुक्रवार को प्रतिबंध हटवाने के लिए उपवास करेंगे. दक्षिण के सुपर स्टार रजनीकांत भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं.

इस बीच जल्‍लीकट्टू को बैन किए जाने के विरोध में आज (शुक्रवार को) चेन्नई में सुबह से लेकर शाम तक 12 घंटों का बंद है. स्कूल, कालेजों से लेकर बाज़ार, कारोबार और निजी दफ्तर आज जल्‍लीकट्टू के समर्थन में बंद है.

इस दौरान राज्य की क़रीब 40 लाख दुकानें बंद हैं, जिनमें होटल रेस्तरां से लेकर ट्रेड यूनियन भी शामिल हैं. साथ ही लोग अनशन भी करेंगे. बंद के समर्थन के लिए मद्रास हाइकोर्ट की एडवोकेट्स एसोसिएशन ने कोर्ट का बहिष्कार करने का फ़ैसला किया है.

मंगलवार रात से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन का शुक्रवार को चौथा दिन है. सुप्रीम कोर्ट ने 3 साल पहले जल्लीकट्टू को जानवरों के प्रति क्रूरता बताते हुए इस पर बैन लगा दिया था.

लोग खेल पर प्रतिबंध हटने तक प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं. सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अभियान चलाया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है. इनमें छात्र, वकील, अभिनेता, कलाकार और आईटी प्रोफेशनल्स शामिल हैं.

इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने केंद्र सरकार से कानूनी अड़चन दूर करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग की. उन्होंने इस सिलसिले में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की थी, लेकिन पीएम ने मामला कोर्ट में होने के चलते दखल देने से इनकार कर दिया है.

आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर और सदगुरु जग्गी वासुदेव ने तमिलनाडु के लोगों का समर्थन करते हुए प्रतिबंध हटाने की मांग की है. श्रीश्री ने कहा है, ‘जल्लीकट्टू पोंगल का अहम हिस्सा है. पोंगल तमिलनाडु में होली और दिवाली से बड़ा फेस्टिवल है. धैर्य बनाए रखें, सही तथ्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है.’

वहीं सदगुरु जग्गी वासुदेव ने कहा है कि जल्लीकट्टू पशुओं को समर्पित त्यौहार है, लोगों को इसे सांस्कृतिक तरीके से मनाना चाहिए. इस पर से प्रतिबंध हटना चाहिए.

विश्व हिंदू परिषद भी जल्लीकट्टू के समर्थन में आ गया. विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने नई दिल्ली में कहा कि न्यायपालिका को हिंदुओं की प्राचीन आस्थाओं में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. सांड़ों को लेकर भावनात्मक होने वालों को गौहत्या पर पाबंदी की मांग करें.

वहीं, अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने भी कहा कि सांड़ों को काबू पाने के इस खेल के साथ पारंपरिक बर्ताव करने के लिए राज्य सरकार के पास कानून लागू करने की शक्ति है. हालांकि उन्होंने आगाह किया कि ऐसे कार्यक्रमों के दौरान जंतुओं को चोट नहीं पहुंचाया जाना चाहिए या उनके साथ निर्ममता नहीं बरती जानी चाहिए.

जल्लीकट्टू जैसे कार्यक्रमों की इजाजत देने के लिए उच्चतम न्यायालय में केंद्र के रुख का बचाव करने वाले रोहतगी ने कहा कि जहां तक इस खेल की बात है यह संबद्ध राज्य सरकारों के विशेष क्षेत्राधिकार में होना चाहिए और इस पर केंद्र की शक्ति नहीं है.

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