सुबह ज़रूरी नाश्‍ता, इडली हो या पास्ता

क्या आप जानते हैं कि लंच के पहले लिया गया नाश्ता शरीर में सबसे अधिक ऊर्जा प्रदान करता है? अंग्रेज़ी में इसीलिए इसे ब्रेकफास्ट कहा गया है क्योंकि यह रात भर किए गए फास्ट अर्थात उपवास को ब्रेक करने के लिए लिया जाता है. इसलिए सुबह का सबसे पहला नाश्ता चुनते या बनाते समय स्वाद और पसंद के साथ-साथ इस बात का भी अवश्य ध्यान रखें कि वह आपकी सेहत के लिए कितना लाभदायक है.

चिकित्सकों की मानें तो कामकाजी लोगों के लिए यह बहुत जरूरी है कि दफ्तर जाने से पहले वह नाश्ता कर लें, ताकि दिन भर काम करने के लिए उचित ऊर्जा मिले. सुबह का नाश्ता नहीं करने से शरीर में वसा की मात्रा बढ़नी शुरू हो जाती है क्योंकि शरीर का मौलिक मैटाबॉलिक रेट तथा ऊर्जा बहुत कम हो जाती है.

दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि नाश्ते को नाश्ते की तरह ही लें, इतना न खा लें कि लंच तक आपको भूख ही न लगे. जैसे फलों से हमें प्रचुर मात्रा में खनिज, विटामिन और फाइबर्स मिलते हैं इसलिए सुबह के नाश्ते में फल का समावेश अवश्य हो.

बच्‍चों को सुबह नाश्‍ते में कुछ पौष्‍टिक देना हो तो उनके लिये अंकुरित खड़े अनाज की चाट, ओट्स उत्तप्पम या उपमा बनाइये. यह ना केवल खाने में ही स्‍वादिष्‍ट लगता है बल्कि यह स्‍वास्‍थ्‍य के हिसाब से भी अच्‍छा है.

तेल अवीव यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक सुबह में सेहत भरा नाश्‍ता लेने से सेहत दुरुस्‍त रहती है और पका वजन भी कम रहता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि सुबह का नाश्ता न लेने वाले लोग दोपहर में ज्यादा भोजन करते हैं और उनमें मीठा और वसायुक्त खाने की इच्छा प्रबल होती है.

सारे भारत में ऐसे परंपरागत नाश्ते हैं, जो स्वादिष्ट ही नहीं सेहतमंद भी हैं, चाहे वह मध्य और पश्चिम का पोहा हो या फिर दक्षिण की इडली हो. सबसे जरूरी यह है कि कुछ भी खाएं, पर नाश्ता करें जरूर. क्योंकि इससे जो पोषण मिलता है, उसकी भरपायी दिन के किसी दूसरे भोजन से हो ही नहीं हो सकती.

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