दूसरी पार्टी में पद लेकर फिर भाजपा में आइए, खूब कद्र होगी!

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जमशेदपुर में हमारे एक मित्र हैं, उम्र में मुझसे बहुत छोटे.. बारीडीह में व्यवसाय करते हैं. इस लेख को पढ़ने वाले जमशेदपुर के मित्र उन्हें पहचान जायेंगे. भाजपा के समर्थक और कार्यकर्ता रहे हैं.

एक दिन खबर मिली, उन्होंने झारखण्ड पार्टी ज्वाइन कर ली. झापा, एनोस एक्का और राजा पीटर वाली झापा… और उसके महानगर अध्यक्ष बन गए.

तब उनसे पूछा, यह क्या किया? तो उन्होंने जो उत्तर दिया मुझे बहुत पसंद आया…

कहा, “हम खानदानी भाजपाई हैं, झंडा उठा रहे हैं, झंडा ही उठाते रहेंगे. कोई जानेगा ही नहीं कि हममें और भी कोई एबिलिटी है. अब अगर झापा में जाकर मैं यह सिद्ध कर दूं कि मुझमें भी कोई संगठन क्षमता है तो शायद भाजपा कुछ कद्र करे…”

मुझे भी सलाह दी, “अगर आपमें कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है तो आपको भी यह करना चाहिए. कोई छोटी पार्टी ज्वाइन कीजिये, किसी पद तक पहुंचिये… फिर भाजपा में आइये…”

सलाह तो मेरे काम की नहीं थी, लेकिन लॉजिक सही लगा. अगर आपमें संगठन क्षमता है तो भाजपा में रहकर उसकी परीक्षा नहीं होने वाली.

500-1000 लोग तो यहाँ पार्टी और विचारधारा के नामपर ऐसे ही जुट जाते हैं. आपसे सहमत हों या नहीं, पसंद करते हों या नहीं, झंडे के नीचे साथ खड़े रहेंगे.

पर अगर झापा में जाकर आप 50 लोगों को भी अपने साथ रख सकते हैं तो यह आपकी व्यक्तिगत उपलब्धि है. और अगर आपमें क्षमता है और पार्टी उसका प्रयोग अपने फायदे में करना चाहती है तो कोई बुरी बात नहीं है.

और पार्टी में रहकर असंतुष्ट रहिये कि पार्टी ने आपको नगर महामंत्री नहीं बनाया या मंडल उपाध्यक्ष नहीं बनाया तो उससे तो अच्छा है कि जाकर किसी और पार्टी में अपनी व्यक्तिगत दक्षता सिद्ध कीजिये या अपनी औकात नाप लीजिये.

इस लॉजिक से मुझे कुमार विश्वास का भाजपा में आना बुरा नहीं लगेगा. संघी परिवार का है, कुछ तो संस्कार होंगे.

उसके राजनीति में आने से पहले से मैंने उसे यू ट्यूब पर सुन रखा था. मुझे लगा था कि यह भाजपा में खपने लायक भाषा बोलता है… पर अगर भाजपा में नहीं आकर आप में गया तो भी समझ सकता हूँ…

पर इस लॉजिक से भी एन डी तिवारी का भाजपा में आना नहीं पचा. नहीं, दूसरी पार्टी का है इसलिए नहीं. चरित्र पर दाग है इसलिए भी नहीं…

ऐसा नहीं है कि भाजपा में सारे बड़े चरित्रवान और देशभक्त बैठे हैं और उनके बीच यह हंसों में कौवा कहाँ से आ गया….

बल्कि शुद्ध रूप से इसलिये कि 91 वर्ष की उम्र में उनकी पार्टी के लिए क्या उपयोगिता है? अगर कोई उपयोगिता है तो ठीक है…

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