लगाते रहिये जिंदाबाद के नारे और मरने दीजिये मासूमों को, नाव हादसे में अब तक 21 की मौत

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प्रकाशोत्सव ब्रांडिंग का एक मौका था… पतंगोत्सव से चेहरा नहीं चमकाया जा सकता था… इसलिए चूड़ा-दही खाकर महागठबंधन ज़िंदाबाद के नारे लगाना ही ज्यादा मुफ़ीद था नीतीश कुमार के लिए. लगाते रहिये जिंदाबाद के नारे और मरने दीजिये मासूम लोगों को.

रावण वध के दौरान हादसा… छठ घाट पर हादसा और आज पतंगोत्सव के दौरान हादसा… 21 लोगों की तो अब तक मरने की पुष्टि हो चुकी है. संख्या और भी बढ़ेगी.

आखिर कब तक ऐसा ही होगा. जागिये नीतीश जी… ब्रान्डिंग ही नहीं प्रशासन पर भी ध्यान दीजिये…

पटना के सबलपुर गंगा दियारा में पतंगोत्सव में भाग लेकर लौट रहे 21 लोगों की नौका दुर्घटना में मौत हो गयी. पतंगोत्सव में शामिल होने गए लोगों को वापस लेकर लौट रही एक NDRF की नाव गंगा में पलट जाने के कारण यह दुर्घटना हुई.

पटना के सिटी एसपी चन्दन कुशवाहा ने 11 लोगों के मौत की पुष्टि कर दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार सबलपुर दियारा से गांधी घाट लौट रहे इस नाव में करीब 40 लोग सवार थे. नाव जैसे ही लोगों को लेकर थोड़ी दूर आगे बढ़ी कि ओवरलोड के कारण पलट गयी.

NDRF की टीम ने कई घायलों को गंगा से बाहर निकालकर इलाज के एम्बुलेंस से PMCH भेज दिया है. वहां लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है.

स्थानीय लोगों के अनुसार प्रशासन की ओर से पतंगोत्सव में शामिल होने गए लोगों को वापस लाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई खास इंतजाम नहीं किया गया था. इस वजह से लोगों के बीच सीमित नावों के बीच ही वापस लौटने के लिए अफरा तफरी मची रही और इस वजह से नाव पर ज्यादा लोग सवार हो गए जिसके कारण हादसा हो गया.

बताया जाता है कि अभी भी सबलपुर दियारा में कई लोग फंसे हुए हैं. उन्हें लाने के लिए प्रशासन ने बोट भिजवाया है. गांधी घाट पर डीएम संजय अग्रवाल समेत अन्य वरीय अधिकारी पहुंच कर राहत कार्य में जुटे हैं. घटना के बाद बाद गांधी घाट पर चीख पुकार की स्थिति उत्पन्न हो गयी.

दियारा से किसी तरह वापस लौटे लोग रो-रोकर कर इस घटना की स्थिति बयां कर रहे थे. लोगों ने बताया कि प्रशासन की तरफ से बेहतर इंतजाम नहीं होने की वजह से हमारे अपनों की जान पर आफत बन आई है. कई लोग अभी भी उस पार फंसे हैं. कई लोगों की मौत भी हो चुकी है, कई लापता हैं. लेकिन, प्रशासन के लोग इस बात को दबा रहे हैं.

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