BSF का निर्देश, बनी रहे भोजन की उच्च गुणवत्ता, बॉर्डर पर पहुंचे डाइटीशियन

नई दिल्ली. सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सीमा पर तैनात अपने कर्मियों को दिये जाने वाले भोजन की उच्च गुणवत्ता कायम रखने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. जबकि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने जवान के आरोपों पर बल से पूरी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर वायरल एक बीएसएफ कर्मी के आरोपों वाले वीडियो पर एक दूसरी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी.

इस मुलाकात के बाद बीएसएफ ने एक बयान जारी कर सीमा पर तैनात जवानों को उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराने के लिए छह उपायों की घोषणा की.

बयान में कहा गया कि जवानों के भोजन से संबंधित मुद्दे, रसद खरीद प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे तथा बाद में उनका दुरूपयोग किसी भी संगठन के लिए चिंता का मुख्य विषय होते हैं.

इसमें कहा गया, बीएसएफ ने स्थिति पर समग्र दृष्टिकोण अपना है तथा इसके बाद समुचित कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. वरिष्ठ कमांडिग अधिकारियों के एक दल द्वारा मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा को भी एक उपाय के रूप में गिनाया गया है.

बीएसएफ ने जो अन्य कदम उठाए हैं उनमें वर्तमान व्यवस्था की कमियों का पता लगाना, प्रक्रियागत एवं व्यवस्थागत सुधारों का सुझाव देने, दोहरी जांच के प्रति सतर्कता, जवानों के साथ औपचारिक एवं अनौपचारिक परिसंवाद, तथा सभी मैसों में नकदीरहित लेनदेन सुनिश्चित करने के कदम शामिल हैं.

बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को स्वयं यह अंतरिम रिपोर्ट सौंपी. उन्होंने गृह सचिव राजीव महर्षि को सूचित किया कि बल के पश्चिमी मोर्चा कमांडर (अतिरिक्त डीजी) तथा एक डाइटीशियन को जम्मू कश्मीर की उस सीमा चौकी पर विस्तृत जांच के लिए भेजा गया जहां आरोप लगाने वाला जवान तैनात था.

इसमें कहा गया कि वीडियो में दिखाई गई दाल डिब्बाबंद खाद्य रसद से निकाली गयी थी तथा उंचाई वाले स्थलों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए यूनिट मैस में परांठा बनाया गया था.

इस बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सीमा की प्रत्येक चौकी पर विशेषज्ञों एवं डाइटीशियनों को भेजा है ताकि नियमों के मुताबित जवानों के लिए भोजन गुणवत्ता सुनिश्चत हो सके.

अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव द्वारा वीडियो में दिखाई दाल राजौरी की सीमा चौकी पर भेजे गये डिब्बाबंद भोजन रसद आपूर्ति से डिब्बा खोलकर निकाली गई थी.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दाल एवं रोटी के नियमित दोपहर एवं रात्रि भोजन के अलावा यूनिट मैस में कुछ अवसरों पर मछली सालन बनता है. यह बात उक्त जवान द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में भी देखी जा सकती है.

रिपोर्ट में यह जिक्र है कि जवानों को सिर्फ एक ‘पराठा’ नहीं दिया जाता, जैसा कि यादव ने दावा किया है, लेकिन यह अस्पष्ट है कि वह जला हुआ कैसे है.

रिपोर्ट में कहा गया है, जांच में पता चलेगा कि रसोईयों ने पराठे खराब और जले हुए बनाए थे, या कोई और मसला था. ऐसी भी संभावना है कि वह ज्यादा देर तक कोयले की आंच पर रह गया होगा.

इस रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बहुत उंचाई वाले और मुश्किलों वाले इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए अधिकृत खाद्य सामग्री की सूची, खाद्यान्न की उपलब्धता की वास्तविक मात्रा और उक्त मेस सहित अन्य सभी मेस में एक जनवरी से लागू कैलोरी चार्ट भी दी गयी है.

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