अच्छे दिन : सुरक्षाबलों को बलात्कारी कहने की जगह अब उनकी सुविधाओं और भोजन पर हो रही बात

इससे अच्छे दिन भले क्या हो सकते हैं कि सेना, अर्धसैनिक सुरक्षाबलों को बलात्कारी कहने, सुनने, लिखने, पढ़ने की जगह… देश आज उनके खाने और सुविधाओं पर बातें कर रहा है!

बाज़ार में आते सभी वीडियो वर्तमान केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय की तारीफ़ करते हुए, अधिकारियों और सिस्टम के आर्थिक भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए आ रहे हैं.

नारे लगाने से पहले ज़रा रुकिए, देखिये और तब आगे बढ़िए.

नोटबंदी के जरिये अगर आपने देश के बैंकिंग सेवा में… तमाम जगहों पर फैली हरामखोरी और चोट्टई को देखा… तो इन वीडियो के जरिये सेना और सुरक्षा सेवा में फैली आर्थिक चोरियों को देखिये.

यह स्वागतपूर्ण और संतोष की बात है कि :

– रक्षा मंत्री ने बुधवार तक मामले पर फौरी रिपोर्ट माँगी है. केंद्रीय मंत्रालय स्तर से अधिकारियों की टीम का गठन किया जा चुका है जो देश भर की सेना चौकियों, बेस, कैंपों आदि में मौजूद सभी सुविधाओं की राष्ट्रीय स्तर पर फिजिकल ऑडिट और जांच करेगी.

– देश के गृहमंत्री का कहना है – इन मामलों को अनुशासन से अलग कर के देखने की जरूरत है. अगर शिकायत वाजिब है तो उसका समाधान पहली प्राथमिकता है सरकार की.

देश में गड़बड़ी कहाँ नहीं जन्माई गयीं इन तमाम सालों में? उन पर बात कौन करेगा?

दशकों के आइनों पर पड़ी धूल इन ढाई सालों में बुहारिये और साफ़ चेहरे देखने की नई आदत डालिये.

सरकारी सेवाओं में बदइंतजामी और आर्थिक काले कर्म हर जगह से बन्द होने हैं… इस लिए इन समस्याओं पर बात करिये, बहस करिये.

साथ ही अगर कहीं यह सच भी सामने आये कि पहले वीडियो वाला सिपाही… तेज प्रताप यादव… बीएसएफ की नौकरी के दौरान कई बार और कारणों से अनुशासन तोड़ चुका है, सजा भी पाया है और उसकी यह सजा एक बार कोर्ट मार्शल तक जा चुकी है. जिसमें उसके परिवार की खराब आर्थिक हालत को देखते हुए माफ़ी दे दी गयी थी…

… तो इन सच्चाइयों को भी अपनी चर्चाओं में जगह दीजिये. सेना अगर जांच के बाद इस मामले में भी अपने नियमानुसार कोई कार्यवाई करती है तो उसे भी मानिए.

बेहतर है देश में ‘सेना बलात्कारी है’ के नारों की जगह सेना, सुरक्षा बलों को बेहतर सुविधाएं दो… पर बातें हो रही हैं.

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