सत्ता, स्वर्ग या पुनर्जन्म का मोह नहीं, केवल लोगों का दुख दर्द मिटाना ही ध्येय : नमो

नई दिल्ली. आम लोगों के तकलीफें दूर करने और गरीबों के कल्याण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत के एक श्लोक का उपयोग करते हुए कहा कि उन्हें सत्ता, स्वर्ग या पुनर्जन्म का मोह नहीं है, वह तो केवल लोगों का दुख दर्द मिटाना चाहते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अपने समापन संबोधन में कहा कि गरीबों की सेवा भगवान की सेवा करने के बराबर है. केन्द्र सरकार का मुख्य ध्यान उन्हीं पर है.

प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही कालेधन और भ्रष्टाचार से मुकाबले के लिए नोटबंदी को एक दीर्घकालिक उपाय के तौर पर रेखांकित किया जिससे गरीबों का जीवन स्तर बेहतर बनाया जा सकेगा.

मोदी ने एक बार फिर चुनाव सुधारों पर जोर दिया और इस मामले में आमसहमति बनाने के लिए राजनीतिक दलों का आह्वान किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा राजनीतिक चंदे को पारदर्शी बनाने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था ने एक अधिक पारदर्शी युग की शुरुआत की है.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहेगी. जनता को यह जानने का अधिकार है कि हमारा वित्तपोषण कहां से आ रहा है.’

ऐसे में जब विपक्षी दल नोटबंदी के बाद भाजपा नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, मोदी ने पार्टी नेताओं से कहा कि उन्हें आलोचनाओं का स्वागत करना चाहिए लेकिन आरोपों से विचलित नहीं होना चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही यह रेखांकित किया कि वह बहुत ही सामान्य पृष्ठभूमि से आये हैं और उन्होंने गरीबी में जीवन व्यतीत किया है.

उन्होंने उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी वहां जीत दर्ज करेगी.

उन्होंने इसके लिए लखनऊ की प्रभावशाली रैली का उल्लेख किया जिसे उन्होंने कुछ दिनों पहले संबोधित किया था. उन्होंने साथ ही अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कार्यकर्ताओं से हुई अपनी बातचीत का भी उल्लेख किया.

प्रधानमंत्री ने यह कहते हुए कार्यकर्ताओं से बूथ पर सक्रियता से ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा कि वे वहां जितना काम करेंगे पार्टी को उतना ही अधिक लाभ होगा.

उन्होंने कहा, ‘चुनाव में स्थिति हमारे पक्ष में है.’ मोदी के 50 मिनट के भाषण का मुख्य जोर गरीबों और उन्हें सशक्त बनाने के लिए उनकी सरकार के कदमों पर था.

उन्होंने कहा, ‘हमारे देश के गरीबों ने इस ऐतिहासिक निर्णय (नोटबंदी) को स्वीकार किया है. उन्होंने यह स्वीकार किया है कि भ्रष्टाचार सहित सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए यह एक प्रभावी कदम है.’

उन्होंने कहा, ‘निर्णय के साथ आने वाली मुश्किलों को स्वीकार करते हुए उन्होंने एक बड़े परिवर्तन की दिशा में इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत किया है.’ उन्होंने कहा कि देश ने पिछले दो महीनों में समाज की ताकत देखी है.

उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी जीवन शैली में सुधार को लेकर चिंतित थे लेकिन हमारी सरकार की प्राथमिकता गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की है.

मोदी ने सरकार के श्रृंखलाबद्ध कदमों का उल्लेख किया जिसमें जनधन खाता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत शामिल थे. उन्होंने कहा कि गरीबों में गरीबी से पार पाने की आंतरिक शक्ति होती है और उनकी सरकार उन्हें सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक़ मोदी ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट के लिए प्रयास नहीं करें, संगठन इस कवायद को देखेगा.

मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे गरीबों का दिल जीतें. उन्होंने कहा कि भाजपा बहुत ही भाग्यशाली है कि उसके पास लाखों नि:स्वार्थी पदाधिकारी हैं जो जमीन से जुड़े हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यकर्ता हवा में नहीं बहते बल्कि वे उसकी दिशा बदलने में सक्षम हैं. नकदी में कालाधन का अधिक हिस्सा नहीं होने संबंधी बयानों के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि यह सभी तरह के कालेधन का स्रोत था चाहे वह बेनामी सम्पत्ति हो या सोना.

उन्होंने पार्टी विचारक दीनदयाल उपाध्याय को उद्धृत किया जिनकी जन्म शताब्दी सरकार और संगठन द्वारा मनायी जा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्य उनके ‘गरीब कल्याण’ एजेंडे के अनुरूप हैं.

उन्होंने कहा कि नोटबंदी को मिले जनता के समर्थन के बाद पार्टी की जिम्मेदारी बढ़ गई है.

वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि गरीब कल्याण के सबसे अधिक काम यदि किसी ने किये हैं तो वह भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने किये हैं. इसलिए हमारे कार्यकर्ताओं की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे इन योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएं.

उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में विपक्ष निर्बल हो गया है, कहीं कहीं तो विपक्ष नहीं के बराबर है, वहां भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है. इसमें आलस्य का कोई स्थान नहीं हो. हमारी सामाजिक शुचिता में एक इंच भी गिरावट नहीं आने पाये.

विनय सहस्त्रबुद्धे के नेतृत्व वाले पार्टी के सुशासन प्रकोष्ठ ने एक प्रस्तुति दी जिसमें अन्य राज्य सरकारों के साथ तुलना में भाजपा शासित सरकारों को अधिक कार्यकुशल होने का दावा किया गया.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आय दोगुनी करने के अपनी सरकार के प्रयासों पर एक प्रस्तुति दी जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने डिजिटल अर्थव्यवस्था पर बात की.

नोटबंदी के कारण भाजपा के पारंपरिक वोटबैंक व्यापारिक समुदाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने संबंधी आशंकाओं पर पार्टी नेतृत्व ने कहा कि इस कदम से नये मतदाताओं को आकर्षित करने में सफलता भी मिली है.

वसुंधरा राजे ने एक फिल्म के माध्यम से दी गई प्रस्तुति से भामाशाह योजना के तहत बिना किसी मध्यस्थ के विभिन्न सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचाने की सफलता को रेखांकित किया गया.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि गरीब और गरीबी चुनाव जीतने के साधन नहीं हैं और भाजपा उन्हें वोट बैंक के चश्मे से नहीं देखती.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भाजपा अपनी अगली कार्यकारिणी 15-16 अप्रैल को आयोजित करेगी.

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वह महसूस करते हैं कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुछ नेताओं ने उसी प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखी जैसे कि मोदी का संबोधन था. कई नेताओं ने प्रधानमंत्री की भावनाओं को साझा किया.

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