पाकिस्तानी समुद्र में नज़र आई चीन की परमाणु पनडुब्बी, भारत तैनात करेगा राफेल फाइटर जेट

नई दिल्ली. एक सेटेलाइट तस्वीर से पता चला है कि परमाणु हमले के लिए सक्षम चीन की पनडुब्बी पाकिस्तान में कराची के हार्बर में मई 2016 में तैनात देखी गई. इसे चीन द्वारा भारत की युद्ध नीति, क्षमता और ताकत पर नज़ारा रखने की कोशिश माना जा रहा है.

अब भारत ने चीन पर नज़र रखने और किसी भी सैन्य गतिविधि का समुचित जवाब देने की नीयत से पश्चिम बंगाल में फ्रांस से खरीदे गए अत्याधुनिक रफाल फाइटर जेट्स को तैनात करने का इरादा किया है. इसके लिए ईस्टर्न सेक्टर में पश्चिम बंगाल के हाशिमपुरा में स्क्वाड्रन बेस बनाया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि ये फाइटर जेट्स परमाणु हथियारों को ढोने में सक्षम है. दरअसल, यह कदम भारत की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक और परमाणु हमलों की क्षमता को मजबूत करना है.

भारत पर करीब से नज़र रख रहा चीन

वहीं चीनी पनडुब्बी के कराची में होने का मतलब यह ही निकाला जा रहा है कि चीन भारतीय सीमा के बेहद करीब से भारत पर नजर रख रहा है. एक अंग्रेजी वेबसाइट के अनुसार, इस परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी को लंबे समय तक समुद्र के भीतर तैनात रखा जा सकता है क्योंकि इसमें बार-बार ईंधन भरने की जरूरत नहीं होती.

इतना ही नहीं टारपीडो और क्रूड मिसाइलों से लैस इस पनडुब्बी को पानी के अंदर अत्यन्त ही विषम परिस्थितियों तैयान रखा जा सकता है और दुश्मन के लिए इसका पता लगाना भी आसान नहीं होता. सेटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट अकाउंट से यह सेटेलाइट तस्वीर जारी की गई है.

इस तस्वीर में दिख रही पनडुब्बी के बारे में कहा जा रहा है कि यह चाइनीज नैवी टाइप 091 एचएएन क्लास फर्स्ट अटैक पनडुब्बी है जो परमाणु हमला करने में सक्षम है.

नौसेना विशेषज्ञों का मानना है कि गूगल अर्थ से देखी गई तस्वीर में जो पनडुब्बी है वह टाइप 093 शांन्ग भी हो सकती है. क्योंकि यह पनडुब्बी शोर कम करती है और इसका पता लगाना भी दूसरों लिए मुश्किल होता है.

इससे पहले भी चीनी पनडुब्बियां हिंद महासागर की सीमा में देखी जा चुकी हैं जिस पर चीन की सफाई थी कि सोमालिया कोस्ट गार्ड में जासूसी पर लगाम कसने के लिए वह ऐसा कर रहा है.

भारत पहले भी कर चुका है फाइटर जेट्स तैनात

भारत पहले ही सुखोई-30MKI फाइटर जेट्स की तैनाती असम के तेजपुर और छाबुआ में कर चुका है. अब भारतीय वायु सेना ने योजना बनाई है कि 2019 के आखिर तक पहले 18 रफाल लड़ाकू विमानों को पश्चिम बंगाल के हाशिमपुरा बेस पर तैनात किया जाएगा.

हाशिमपुरा एयरबेस पर फिलहाल मिग-27 जेट्स हैं, जो अगले दो से तीन साल में रिटायर हो जाएंगे और उनकी जगह उन्हें रफाल फाइटर जेट्स तैनात कर दिए जाएंगे.

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