मोदीजी… ‘वे’ उस एक मौके की फिराक में है बस

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मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज पर पहला हमला किया… बुरी तरह पराजित हुआ… गोरी की सेना जान बचाकर भाग गयी… गोरी को बेड़ियों में बांध कर पृथ्वीराज की राजधानी पिथौरागढ़ लाया गया… गोरी ने रहम की भीख मांगी… पृथ्वीराज चौहान चाहते तो उसी समय गोरी को खत्म कर सकते थे… पर उन्होंने उसे क्षमा कर दिया.

गोरी ने कुछ समय बाद फिर हमला किया… फिर हारा, रहम की भीख मांगी, पृथ्वीराज ने फिर क्षमा कर दिया… यह सिलसिला पूरे 17 बार दोहराया गया.

… और अंत में गोरी ने एक बार फिर हमला किया… जयचंद की गद्दारी की वजह से पृथ्वीराज युद्ध हार गये… उन्हे बंदी बनाया गया… यातना दी गयी.. .दोनो आंखो में गर्म सलाखें घुसा कर अंधा कर दिया… बाद में उनकी हत्या कर दी गयी.

जिस पृथ्वीराज ने गोरी को सत्रह बार माफ किया उसने एक ही मौके में पृथ्वीराज का पूरी तरह खात्मा कर दिया.

2002 गुजरात – गोधरा कांड के बाद गुजरात मे हिंसा भड़क उठी… सेकुलर और घाघ लिबरल मीडिया पूरी तरह एक तरफा रिपोर्टिंग कर रहा था… दंगो में दोनों समुदाय के लोग मारे जा रहे थे… पुलिस गोलीबारी में भी दोनों पक्ष के दंगाई मारे गये… पर लिबरल मीडिया पूरी तरह एक तरफा रिपोर्टिंग कर रहा था…

पीड़ितों के नाम, समुदाय और धर्म बताकर खबरें छापी जा रही थी… मोदी को बदनाम करने की कोई कसर बाकी न रखी… हिंसा शांत होने के बाद केन्द्र सरकार और जांच एजेंसियो ने मोदी से कई घंटे तक पूछताछ की… कई आरोप लगे… झूठे केस में फंसाने का पूरा प्रयास किया गया… मोदी ने हर जांच का धैर्यपूर्वक सामना किया… हर आरोप से बाहर निकले…

2015 दादरी – गौहत्या से क्रोधित भीड़ ने अखलाक के साथ मारपीट कर दी.. .बाद में उसकी मृत्यु हो गयी… घाघ लिबरल मीडिया ने अखलाक की मौत को असहिष्णुता से जोड़ दिया… इसी लिबरल जमात के साहित्यकारों, कलाकारों, वैज्ञानिकों ने पुरस्कार लौटाने शुरू कर दिये… फिर जांच हुई… फ्रिज में गौमांस ही निकला… मोदी तटस्थ बने रहे…

2016 हैदराबाद – रोहित वेमुला की खुदकुशी पर घाघ लिबरल मीडिया ने फिर आसमान सर उठा लिया… सरकार को दलित विरोधी बताया जाने लगा… मोदी सरकार को फिर कठघरे में खड़ा किया गया… फिर जांच हुई… वेमुला दलित नहीं निकला… मोदी सरकार ने हर बार की तरह किसी के विरूद्ध कोई कार्यवाई नहीं की…

2016 धुलागढ़ – ईद उल फितर के जुलूस ने सुनियोजित रूप से हिंसक रूप धारण कर लिया… मंदिरों, दुकानों, घरों में तोड़फोड़, हिंसा, हत्या, बलात्कार किये गये… लिबरल मीडिया पूरे मामले पर पर्दा डाले रहा…

ज़ी न्यूज़ ने खबर दिखाई… ममता ने तुरंत सुधीर चौधरी और ज़ी न्यूज़ के विरूद्ध गैरजमानती धाराओं में एफआईआर करवा दी.

2017 कोलकाता – 17 हज़ार करोड़ के रोज़ वैली चिटफंड घोटाले में तृणमूल कॉग्रेस के सांसद सुदीप बंधोपाध्याय को CBI ने पूछताछ के लिये हिरासत में लिया…

परिणाम – कोलकाता में हिंसा भड़क उठी… तृणमूल कांग्रेस के गुंडो ने भाजपा दफ्तर पर हमला किया… 12 से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए, 2 की हालत गंभीर है…

आप खुद तुलना करिये… मीडिया द्वारा झूठा प्रचार करने पर भी मोदी ने किसी भी मीडिया ग्रुप के विरूद्ध न तो कोई केस दर्ज करवाया, न मानहानि का मुकदमा चलाया…

केन्द्र की कांग्रेस सरकार द्वारा की गई हर जांच का पूरी गरिमा के साथ सामना किया… 2002 से 2014 तक कभी गुजरात में किसी कांग्रेस कार्यालय पर कोई हमला नहीं हुआ, न इस दौरान राज्य में साम्प्रदायिक झड़प हुई…

मोदी पृथ्वीराज की तरह हर बार अपने दुश्मनों को माफ किये जा रहे है… मानवता और हिंदुत्व के मूल्यों को निभाये जा रहे हैं…

मोदी, तुम कितनी ही बार गोरियों को माफ कर दो… बस वे उस एक मौके की फिराक में है, जब कोई जयचंद की तरह तुमसे गद्दारी करके, तुम्हें पराजय की गर्त में धकेल देगा…

तुमने भले ही 2002 से 2017 तक सत्रह बार दुश्मन को माफ किया होगा… पर याद रखना, वे तुम्हें माफ नहीं करेंगे… उन्होंने गर्म सलाखें और जल्लाद 2002 से ही तैयार कर रखे है…

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