असली मसाले सच सच MDH : करोल बाग़ वाली कोठी में आज भी खड़ा है वो तांगा

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टीवी पर अक्सर रोज रोज देखकर आज मन मे “महाशय धर्मपाल गुलाटी” के बारे मे जानने की इच्छा हुई. काफी पढ़ा इनके बारे मे, उनका संक्षिप्त परिचय यहाँ लिख रहा हूँ.
महाशियाँ दी हट्टी ( Mahashian Di Hatti – MDH) किसी परिचय का मोहताज नहीं. बँटवारे के वक़्त दर-बदर हुये इस परिवार मे उस वक़्त एक 23 साल का लड़का भी सियालकोट से भारत आया.

परिवार का पेट भरने के लिए तांगा चलाया, मगर गुजारा नहीं हुआ. हार कर तांगा छोड़ा और अपना पारिवारिक धंधा मसाले बेचना शुरू किया, और आज वही लड़का 94 साल का “जवान” हो चुका है.

हम लोग अक्सर टीवी पर धर्मपाल गुलाटी (महाशय धर्मपाल गुलाटी) को देखकर मज़ाक मे कुछ बोल देते हैं लेकिन इनके संघर्षों ने इन्हे आज इस मुकाम पर पहुंचाया है. जिसके पीछे ना उच्च शिक्षा है ना बाप-दादा की दौलत.

अगर इस सफलता के पीछे कुछ था, तो वो था, इनका संघर्ष, सादगी, ईमानदारी और मसालों की गुणवत्ता. सामाजिक कार्यों मे भी अच्छा खासा यीगदान है इनका , करीब 20 से ज्यादा स्कूल,कॉलेज,हॉस्पिटल हैं.

– Ak Rajput

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