BHIM APP : अंगूठाछाप से लेकर बुद्धिजीवी सभी को ऐसे काम लेना होगा अपने अंगूठे से

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गांधी के विदेशी कपड़ों की होली जलाने के समर्थक भले ही आज विदेशी कंपनियों के ब्रांडेड कपड़े पहने अंग्रेज़ी में गुटरगूं करते हुए देश की चिंता करते नज़र आ जाएं….

गांधी के असहयोग आन्दोलन की पैरवी करने वाले भले ही भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ़ चलाए गए नोटबंदी से उठी परेशानियों के चलते विरोध में उतर आएं और परोक्ष रूप से भ्रष्टाचारियों के पाले में खड़े हो जाएं…

गांधी के अपने हाथों से पखाना साफ़ करने पर उनकी प्रशंसा के पुल बांधने वाले भले सड़कों पर कचरा फेंकते नज़र आ जाए….

घर में काम पर रखी नौकरानी के छुट्टी करने पर पैसे काटने वाले संभ्रांत परिवार के लोग आज भले नोटबंदी से होने वाली अस्थायी परेशानी और Cashless India योजना पर उन बेचारे अनपढ़ लोगों पर दया करते नज़र आ जाए….

लेकिन भाइयों, बहनों और मितरों…. इन सब की बातों में आने से पहले वो दिन याद कर लेना जब रिलायंस वालों ने वादा किया था कि भारत में ऐसी मोबाइल क्रांति होगी कि सब्ज़ीवाला, पानवाला, फुटपाथ पर दुकान लगाने वाला सबके हाथों में मोबाइल होगा…

और वो दिन और आज का दिन अनपढ़ से अनपढ़, गरीब से गरीब के हाथ में आपको मोबाइल नज़र आता है… जो अंग्रेज़ी नहीं जानते वो हिन्दी ही नहीं बल्कि अपनी मातृभाषा में मोबाइल पर सन्देश भेजता है…

वो ज़माना गया जब किसी अनपढ़ को तार पढ़वाने के लिए गाँव के मास्टर के पास जाना पड़ता था…

यदि समय के साथ इंसान बदला नहीं होता, तो सरकार को अपना टेलीग्राम का ऑफिस बंद नहीं करना पड़ता…

मेरे घर में काम करनेवाली किसी बाई को छुट्टी लेना होती है तो वो मेरे फोन में मिस्ड कॉल दे देती है, मैं समझ जाती हूँ आज वो नहीं आएगी… ना उसका पैसा लगता है ना मेरा…

जिन सब्जीवालों को मैं जानती हूँ वो रोज़ अपने ठेले पर 5000 से लेकर 8000 की सब्जियां लादकर लाता है… बड़ा खर्चा बड़े नोट से हो जाता है…

जिन गरीबों के गरीबी की दुहाई दी जा रही है उनका काम 100, 50, 20 और 10 के नोटों से होता है… ना कि बंद हो चुके 1000 के नोट से…

विमुद्रीकरण के बाद मैं पांच छ: बार बैंक जा चुकी हूँ … पहले दिन 2000 के नोट लेकर आई थी… दूसरी बार 100 के और बाद में बैंक वालों ने दस दस की गड्डियां पकड़ाई … इस महीने काम वाली बाई को सैलेरी देने की बारी आई तो मैंने उसी 10 रुपये की गड्डी से 80 नोट निकाल के दिए…

उस महारानी ने लेने से मना कर दिया… जन्म से गूंगी बहरी है वो, इशारे से समझाने लगी क्या करूंगी इतने खुल्ले लेकर… फिर जैसे तैसे सौ सौ के 5 नोट और बाकी 10 के नोट लेने पर मानी…

हमारे घर में एक लड़का दूध देने आता है, उसे जिस दिन मालूम पड़ा अपने मेकिंग इंडिया वेबसाइट के बारे में, मुझसे कहता है आप अपनी वेबसाइट का whatsapp ग्रुप बना लीजिये तो मैं भी जुड़ जाऊंगा, मैंने ग्रुप बनाया और अब vo भी मेकिंग इंडिया की खबरें पढता है अपने मोबाइल से…

पिछले तीन चार महीने से मेरा सब्जीवाला सब्ज़ी बेचने में कम और फोन पर बात करते ज़्यादा नज़र आता है… मैंने एक दिन मज़ाक में कह दिया… तुम्हारी बीवी से शिकायत करूंगी तुम कैसे फोन में पैसे लुटाते हो…

वो हंसने लगा- भाभीजी लीजिये अभी कर लीजिये… उसी से बात करता रहता हूँ… घर वालों ने शादी कर दी, गौना नहीं कर रहे… पिछली बार गाँव गया था तो उसको फोन दिला आया था… “BSNL के जीवन साथी प्लान” की सिमवाला, तो हमको पैसे भी नहीं लगते… पढ़ी लिखी नहीं है तो फोन करना सिखा आया था… कभी वो कर देती है कभी मैं…

मुझे समझ नहीं आ रहा बिकाऊ मीडिया के अलावा ऐसे गरीब अनपढ़ कहीं और दिखाई क्यों नहीं देते? और यदि आसपास है भी तो आप मदद क्यों नहीं कर रहे उनकी?

जिन राजनीतिक दलों को आज तक वोट देते आए हो उनकी ढोल की पोल खुल रही है तो खिसयानी बिल्लियाँ खम्बा नोचते हुए लोगों को मोदी को वोट न देकर नोटा दबाने के लिए उकसा रही हैं….  कई खबरिया वेबसाइट BHIM APP के लिए मोदीजी के बयान को तोड़ मरोड़ कर ऐसे पेश कर रहे हैं जैसे “…. जानिये आप कैसे हो जाएंगे अंगूठाछाप…”

क्या देश की सेवा का ठेका सिर्फ सीमा के जवानों ने ले रखा है… अपनी जान जोखिम में इसलिए डाल रहे हैं ताकि आप 1000 रूपये के नोट का रोना रोकर देशवासियों को चुनाव के समय नोटा का बटन दबाने के लिए उकसा सको… या फिर मोबाइल क्रान्ति के जरिये Cashless होते भारत की तरक्की की राह में रोड़ा डाल सको…

अरे आपको जो करना है करो ना ढोल पीट पीटकर उस अनपढ़ गरीब लोगों को क्यों उकसा रहे हो जो अपनी गरीबी में भी फेसबुक आईडी रखता है… whatsapp पर संदेशों का आदान प्रदान करना सीख गया है..

जैसे वो चिट्ठी और तार से पेजर पर और पेजर से मोबाइल पर आ गया है वैसे ही ये आपका गरीब और अनपढ़ एक दिन प्लास्टिक मनी और ऑनलाइन बैंकिंग हैंडल करना भी सीख जाएगा…

लेकिन हाँ आप भी वामपंथियों की तरह गरीब को गरीब, दलित को दलित, अनपढ़ को हमेशा अनपढ़ बनाए रखने का संकल्प ले चुके हैं तो माफ़ कीजिये जनाब ये मोदी जी की सरकार है यहाँ अंगूठाछाप से लेकर आप जैसे तथाकथित बुद्धिजीवी सभी को अपने अंगूठे से ही काम लेना होगा… फिर चाहे BHIM APP के लिए लो या आधार कार्ड बनवाने के लिए…

जानिए आखिर है क्या BHIM AAP ( Bharat Interface For Money )

यह UPI बेस्ड पेमेंट सिस्टम
बिना इंटरनेट के भी काम करेगा
बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड जैसी लंबी डिटेल्स डालने की जरूरत नहीं
इससे पैसे भेजने के लिए आपको सिर्फ एक बार अपना बैंक अकाउंट नंबर रजिस्टर करना होगा और एक UPI पिनकोड जनरेट करना होगा
इसके बाद आपका मोबाइल नंबर ही पेमेंट एड्रेस होगा, हर बार अकाउंट नंबर डालने की जरूरत नहीं होगी.
इंटरनेट नहीं होने पर फोन से USSD कोड *99# डायल करके भी इस ऐप को ऑपरेट किया जा सकता है.
फिलहाल यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी को सपोर्ट करेगा, जल्दी ही क्षेत्रीय भाषाएं भी इसमें जुड़ेंगी.

क्या-क्या कर सकते हैं इस ऐप से

आप अपने बैंक अकाउंट बैलेंस चेक कर सकते हैं.
आप अपने फोन नंबर्स के साथ कस्टम पेमेंट एड्रेस को भी ऐड कर सकते हैं.
QR कोड स्कैन करके भी आप किसी को पेमेंट भेज सकते हैं. इसके लिए आपको सिर्फ मर्चेंट का QR कोड स्कैन करना होगा.
24 घंटे में मिनिमम 10,000 रुपए और मैक्सिमम 20,000 रुपए ट्रांसफर कर सकते हैं.
इस ऐप से ट्रांजेक्शन करने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. हालांकि, IMPS और UPI ट्रांसफर पर आपका बैंक कुछ चार्ज वसूल कर सकता है.

यह एंड्रॉयड (8th वर्जन से ऊपर) और iOS (5th वर्जन से ऊपर) पर अवेलेबल है.
प्लेस्टोर और iOS स्टोर से इसे BHIM टाइप करके डाउनलोड किया जा सकता है.
इस ऐप को यूज करने के लिए आपको स्मार्टफोन, इंटरनेट एक्सेस, UPI पेमेंट सपोर्ट करने वाला भारतीय बैंक अकाउंट नंबर और अकाउंट से लिंक्ड मोबाइल नंबर की जरूरत होगी. ऐप के जरिए बैंक अकाउंट को UPI से लिंक करना होगा.
ऐप यूज करने के लिए मोबाइल बैंकिंग एक्टिवेट करने की जरूरत नहीं, सिर्फ आपका मोबाइल नंबर बैंक में रजिस्टर होना चाहिए.

डायरेक्ट मनी ट्रांसफर के लिए आपके बैंक का UPI (Unified Payment Interface) प्लेटफॉर्म पर लाइव होना जरूरी है. UPI प्लेटफॉर्म पर एक्टिव सभी बैंक इस ऐप में लिस्टेड हैं. UPI पिन जनरेट करने के लिए ऐप के मेन मेन्यू में बैंक अकाउंट्स पर जाकर Set UPI-PIN ऑप्शन चुनना होगा. इसके बाद आपसे डेबिट कार्ड/एटीएम कार्ड के आखिरी 6 डिजिट और कार्ड की एक्सपायरी डेट पूछी जाएगी. ये इनपुट डालने पर आपके मोबाइल पर OTP आएगा, जिससे आप UPI-PIN सेट कर पाएंगे.

फिलहाल भीम ऐप पर सिर्फ एक ही बैंक अकाउंट जोड़ने का ऑप्शन है.
रजिस्ट्रेशन के समय आपको डेबिट कार्ड डिटेल और मोबाइल नंबर बताना होगा. कार्ड नंबर से ही आपकी बैंक डिटेल सिस्टम को मिल जाएगी. इसे अलग से बताने की जरूरत नहीं.

इन बैंकों के अकाउंट सपोर्ट करेंगे

Allahabad Bank, Andhra Bank, Axis Bank, Bank of Baroda, Bank of India, Bank of Maharashtra, Canara Bank, Catholic Syrian Bank, Central Bank of India, DCB Bank, Dena Bank, Federal Bank, HDFC Bank, ICICI Bank, IDBI Bank, IDFC Bank, Indian Bank, Indian Overseas Bank, IndusInd Bank, Karnataka Bank, Karur Vysya Bank, Kotak Mahindra Bank, Oriental Bank of Commerce, Punjab National Bank, RBL Bank, South Indian Bank, Standard Chartered Bank, State Bank of India, Syndicate Bank, Union Bank of India, United Bank of India, Vijaya Bank.

BHIM AAP download करने के लिए यहाँ क्लिक करें-

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